Saturday, 27 June 2026

महात्मा कौन है? ---

 महात्मा कौन है?

आजकल 'महात्मा' शब्द का बहुत अधिक दुरुपयोग हो रहा है। हम हर किसी को महात्मा नहीं कह सकते। सांख्य योग में एक शब्द आता है "महत्"। जो ईश्वर के महत् तत्व से जुड़ा है, वही महात्मा है। भगवान विष्णु की सर्वव्यापक विराटता को ही महत् कहते हैं।
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महात्माओं के सत्संग में उनके श्रीमुख से सुना है कि एक वीतराग (राग-द्वेष और अहंकार से मुक्त) व्यक्ति ही महात्मा हो सकता है। एक लंपट (कामी, व्यभिचारी, अनैतिक या भ्रष्ट आचरण वाला व्यक्ति) कभी महात्मा नहीं हो सकता। ऐसे ही एक विष्णुद्रोही जिसे भगवान विष्णु से द्रोह है, कभी महात्मा नहीं हो सकता। ऐसे लोगों को महात्मा कहना गलत है। ॐ तत् सत् !! ॐ ॐ ॐ !!
१३ अप्रेल २०२६
पुनश्च: --- मेरे उपरोक्त दृष्टिकोण से तो मोहनदास गांधी, भीमराव अंबेडकर, और ज्योतिबा फूले --- महात्मा कहलाने की पात्रता बिलकुल नहीं रखते। इन्हें महात्मा कहना महात्मा शब्द का अपमान है।

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