(दुर्गावाहिनी संगठन की बहिनों द्वारा की जाने वाली नित्य प्रार्थना)
योगोदय (Yogodaya)
स्वयं के आध्यात्मिक विचारों की अभिव्यक्ति ही इस ब्लॉग का एकमात्र उद्देश्य है |
Tuesday, 29 September 2026
दुर्गावाहिनी और राष्ट्र सेविका समिति द्वारा की जाने वाली प्रार्थनाएं -----
सुख और आनंद में क्या अंतर है?
किसी मित्र ने पूछा है कि सुख और आनंद में क्या अंतर है? उसी के उत्तर में यह लिखा है ---
Tuesday, 25 August 2026
अगले दो-तीन वर्षों में अमेरिका की अर्थ-व्यवस्था विफल हो जायेगी, और अमेरिका एक महाशक्ति नहीं रहेगा।
अगले दो-तीन वर्षों में अमेरिका की अर्थ-व्यवस्था विफल हो जायेगी, और अमेरिका एक महाशक्ति नहीं रहेगा।
Sunday, 23 August 2026
श्री अरविन्द के शब्दों में कितना बड़ा सत्य छिपा पड़ा है|
श्री अरविन्द के शब्दों में कितना बड़ा सत्य छिपा पड़ा है| भारत की वर्तमान समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए अरविन्द के इन शब्दों को समझना आवश्यक है|
भवसागर को गोते लगाए बिना पार करें :----
भवसागर को गोते लगाए बिना पार करें :----
अपनी प्रज्ञा को निरंतर हर समय -- अव्यय, अनंत, ज्योतिर्मय परमब्रह्म परमात्मा में ही स्थित रखें।
अपनी प्रज्ञा को निरंतर हर समय -- अव्यय, अनंत, ज्योतिर्मय परमब्रह्म परमात्मा में ही स्थित रखें। वे ही नारायण हैं, वे ही पुरुषोत्तम हैं, और वे ही परमशिव हैं। इसके लिए हमें वीतराग यानि राग-द्वेष और अहंकार से तो मुक्त तो होना ही होगा। यह आरंभिक लक्ष्य है।
अपनी प्रज्ञा अब परमात्मा को सौंप रहा हूँ। मेरी प्रज्ञा अब से परमात्मा में ही स्थित रहेगी।
अपनी प्रज्ञा अब परमात्मा को सौंप रहा हूँ। मेरी प्रज्ञा अब से परमात्मा में ही स्थित रहेगी।