"सुख सम्पति परिवार बड़ाई | सब परिहरि करिहऊँ सेवकाई ||
योगोदय (Yogodaya)
स्वयं के आध्यात्मिक विचारों की अभिव्यक्ति ही इस ब्लॉग का एकमात्र उद्देश्य है |
Tuesday, 5 May 2026
वर्तमान में जैसा वातावरण है उसमें घर पर रहकर साधना करना असम्भव तो नहीं है पर अत्यंत कष्टप्रद है ---
एक अपूरणीय क्षति ---
एक अपूरणीय क्षति ---
Monday, 4 May 2026
परमात्मा ही हमारा अस्तित्व है। हम परमात्मा को कैसे प्राप्त हों?
परमात्मा ही हमारा अस्तित्व है। हम परमात्मा को कैसे प्राप्त हों?
इस लौकिक जीवन में अब मैं किसी भी तरह की वचनबद्धता का निर्वाह करने में असमर्थ हूँ ---
इस लौकिक जीवन में अब मैं किसी भी तरह की वचनबद्धता का निर्वाह करने में असमर्थ हूँ। इस जीवन में जो भी थोड़ी-बहुत ऊर्जा बची है, वह पूरी तरह से परमब्रह्म परमात्मा को समर्पित है। एकमात्र उद्देश्य है -- परमात्मा को "पूर्ण समर्पण"। घनीभूत प्राण-तत्व के रूप में जगन्माता स्वयं परमशिव की उपासना कर रही हैं। जो परमशिव हैं वे ही श्रीमद्भगवद्गीता के पुरुषोत्तम हैं, और वे ही वेदान्त के ब्रह्म हैं। उनसे अन्य कोई भी या कुछ भी नहीं है। समस्त जीवन उन्हें समर्पित है। वे कुछ भी करें। यदि कहीं कोई कमी है तो वह मेरी समझ में ही है, अन्यत्र कहीं भी नहीं। .
वैशाख पूर्णिमा ----
आज १ मई २०२६ को वैशाख पूर्णिमा है। अङ्ग्रेज़ी तिथि से १ मई का भी बहुत अधिक अंतर्राष्ट्रीय महत्व है, और हिन्दी तिथि से वैशाख-पूर्णिमा का भी बहुत अधिक अंतर्राष्ट्रीय महत्व है। एक मई को तो अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस है। इस दिन का बहुत बड़ा ऐतिहासिक महत्व है जिसके ऊपर कई लेख विस्तार से लिखे जा चुके हैं। सभी पूर्व साम्यवादी देशों में तो आज के दिन छुट्टी होती थी और उत्सव मनाए जाते थे। दिन में एक श्रमिक केवल ८ घंटे काम करता है, और सप्ताह में एक दिन की छुट्टी होती है, यह श्रेय जाता है अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस पर हुए अनेक आंदोलनों की सफलता को।
गुरु रूप में दक्षिणामूर्ति शिव ---
गुरु रूप में दक्षिणामूर्ति शिव ---