योगोदय (Yogodaya)
स्वयं के आध्यात्मिक विचारों की अभिव्यक्ति ही इस ब्लॉग का एकमात्र उद्देश्य है |
Monday, 20 July 2026
यह संसार - मनुष्य रूप में आजकल भूत-पिशाचों से भरा हुआ है। जिधर देखो उधर चारों ओर अनेक नर-पिशाच घूम रहे हैं। अब अंजनेय का आश्रय लिया है। क्योंकि ---
भारत की रक्षा स्वयं भगवान कर रहे हैं, अन्यथा भारत कभी का नष्ट हो गया होता ---
भारत की रक्षा स्वयं भगवान कर रहे हैं, अन्यथा भारत कभी का नष्ट हो गया होता। भारत पर जितने प्रहार हुये हैं, उसके दस-लाखवें भाग जितना भी प्रहार किसी अन्य देश या संस्कृति पर होता तो वह नष्ट हो गई होती। भारत की रक्षा आध्यात्म ने की है। जब तक भारत में दस भी ऐसे व्यक्ति हैं जो भगवान से जुड़े हुए हैं, भारत कभी नष्ट नहीं हो सकता।
जैसी भी आपकी श्रद्धा और विश्वास है, वैसे ही परमात्मा का निरंतर स्मरण करते रहें
जैसी भी आपकी श्रद्धा और विश्वास है, वैसे ही परमात्मा का निरंतर स्मरण करते रहें
यथार्थ में शिव ही गुरु हैं। गुरु-पूर्णिमा पर गुरु-परंपरा और शिव रूप में गुरु को नमन ---
यथार्थ में शिव ही गुरु हैं। गुरु-पूर्णिमा पर गुरु-परंपरा और शिव रूप में गुरु को नमन
Saturday, 18 July 2026
'एकोहं द्वितीयो नास्ति, न भूतो न भविष्यति ---
'एकोहं द्वितीयो नास्ति, न भूतो न भविष्यति ---
परमात्मा से प्रेम मेरा स्वभाव है, कोई आत्म-मुग्धता या अहंकार नहीं ---
परमात्मा से प्रेम मेरा स्वभाव है, कोई आत्म-मुग्धता या अहंकार नहीं ---
जो ब्रह्मज्ञ है वही वेदज्ञ है, ब्रह्म को जानने की साधना ही वेदपाठ है ---
जो ब्रह्मज्ञ है वही वेदज्ञ है, ब्रह्म को जानने की साधना ही वेदपाठ है ---