भगवान श्रीकृष्ण ने मुक्ति का और सुखी होने का एक सूक्ष्म सूत्र बताया है जो मेरे जैसे अकिंचन पतित व्यक्ति का भी उद्धार कर सकता है (इस के अतिरिक्त मेरे पास और कोई सामान नहीं है) ---
योगोदय (Yogodaya)
स्वयं के आध्यात्मिक विचारों की अभिव्यक्ति ही इस ब्लॉग का एकमात्र उद्देश्य है |
Wednesday, 4 March 2026
मुक्त और सुखी होने का एक सूक्ष्म सूत्र ---
Monday, 2 March 2026
कुछ संगठनों के बारे में मेरा अनुभव ---
कुछ संगठनों के बारे में मेरा अनुभव ---
Thursday, 26 February 2026
ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या ........
ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या ........
वीर विनायक दामोदर सावरकर के पुण्य दिवस पर समस्त भारत राष्ट्र को नमन व सभी भारतीयों का अभिनन्दन
"यदि देश हित मरना पड़े मुझको सहस्त्रों बार भी, तो भी न मैं इस कष्ट को निज ध्यान में लाऊं कभी|
Wednesday, 25 February 2026
कुछ विचार ---
(1) ब्रह्म ह्त्या ........
आसुरी आत्माएं कभी कभी बहुत परेशान करती हैं। भगवान उनसे हमारी रक्षा भी करते हैं।
आज प्रातःकाल उठते ही प्रेरणा मिली कि मैं आज प्राण-तत्व, आकाश-तत्व और परमशिव के बारे में कुछ लिखूं| पर ज्यों ही लिखने को उद्यत हुआ तब सूक्ष्म जगत में भटक रही एक-दो नरपिशाच रही आसुरी प्रेतात्माओं की स्मृति आ गयी जिन्होनें तुरंत आकर मेरे दिमाग में एक ऐसा विक्षेप डाल दिया कि मैं विषय से भटक गया और उपरोक्त विषयों पर कुछ भी लिखना असंभव हो गया| साधना के मार्ग पर देवता भी मिलते हैं और असुर भी जिनसे रक्षा गुरु महाराज के रूप में जगन्माता ही करती हैं|
Tuesday, 24 February 2026
हमारा शिव-संकल्प, अंतर्दृष्टि, प्राण-तत्व और गुरुकृपा ..... ये साधन हैं, जिनकी सहायता से परमशिव का ध्यान किया जाता है ---
हमारा शिव-संकल्प, अंतर्दृष्टि, प्राण-तत्व और गुरुकृपा ..... ये साधन हैं, जिनकी सहायता से परमशिव का ध्यान किया जाता है| परमशिव एक अनुभूति है जो परमात्मा की परमकृपा से उनके द्वारा भेजे हुए सद्गुरु के मार्गदर्शन से होती है| गुरु का भौतिक देहधारी होना आवश्यक नहीं है| सूक्ष्म जगत की महान आत्मायें भी गुरु रूप में मार्ग-दर्शन कर सकती हैं|