ब्राह्मण समाज में जागृति और एकता कैसे हो?
योगोदय (Yogodaya)
स्वयं के आध्यात्मिक विचारों की अभिव्यक्ति ही इस ब्लॉग का एकमात्र उद्देश्य है |
Tuesday, 9 June 2026
ब्राह्मण समाज में जागृति और एकता कैसे हो? ---
भारत का भविष्य "धर्म-सापेक्षता" में है, 'धर्म-निरपेक्षता" में नहीं ---
भारत का भविष्य "धर्म-सापेक्षता" में है, 'धर्म-निरपेक्षता" में नहीं। धर्म-निरपेक्षता का अर्थ है -- अधर्म-सापेक्षता। भारत की अस्मिता "सनातन-धर्म" है। भारत कोई भूमि का टुकड़ा मात्र नहीं, एक जीवंत सूक्ष्म सत्ता है। वास्तव में सनातन धर्म ही भारत है, और भारत ही सनातन धर्म है। सनातन धर्म का उत्थान ही भारत का उत्थान है, और सनातन धर्म का पतन ही भारत का पतन है। धर्म का पालन ही धर्म की रक्षा है।
Saturday, 6 June 2026
शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक
आज ही के दिन ६ जून १६७४ को रायगढ़ में शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था जो भारतीय इतिहास की एक गौरवशाली गाथा है| महान विजयनगर साम्राज्य के बाद पहली बार भारत में स्वराज्य की स्थापना हुई| शिवाजी का राज्याभिषेक काशी के वेद-पुराण-उपनिषदों के ज्ञाता पंडित गंगाधर भट्ट द्वारा किया गया| पंडित गंगाधर भट्ट ने शिवाजी की वंशावली के विस्तृत अध्ययन के बाद यह सिद्ध किया के उनका भोंसले वंश मूलतः मेवाड़ के वीरश्रेष्ठ सिसोदिया राजवंश की ही एक शाखा है| शिवाजी मूल रूप से सिसोदिया राजपूत थे| उन के पूर्वज मेवाड़ से महाराष्ट्र जाकर बस गए थे| (नेपाल का राजवंश भी सिसोदिया राजपूत ही है). गौ-ब्राह्मण प्रतिपालक, क्षत्रिय कुलगौरव, राजाधिराज, योगीराज श्री श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की जय !
Thursday, 4 June 2026
"परम प्रेम" और "समर्पण" का स्वभाव हमें अपने "शिवत्व" का बोध कराता है .....
"परम प्रेम" और "समर्पण" का स्वभाव हमें अपने "शिवत्व" का बोध कराता है .....
सेक्युलरिज्म (धर्म निरपेक्षता) का जन्म कैसे हुआ ? .....
सन १८५१ ई.में इंग्लैंड के राजा हेनरी आठवें को अपनी पत्नी को तलाक देना था जिसके लिए पॉप की अनुमति आवश्यक थी| पॉप ने वह अनुमति नहीं दी| इसलिए पॉप के आदेश को ठुकराने के लिए इंग्लेंड में धर्मनिरपेक्षता यानि सेकुलरिज्म का सिद्धांत बनाया गया जिसके अंतर्गत इंग्लैंड का राजा पॉप के आदेश को मानने केलिए बाध्य नहीं था| सेकुलर का मतलब है चर्च के आदेश को नहीं मानने वाला| हम आज उन्हीं अंग्रेजों की नक़ल कर के सेकुलर बन रहे हैं|
"यथा ब्रज गोपिकानाम्" ----
"यथा ब्रज गोपिकानाम्" ----
Wednesday, 3 June 2026
मैं जड़-चेतन और यह सारी सृष्टि हूँ। केवल मैं हूँ। ---
मैं जड़-चेतन और यह सारी सृष्टि हूँ। केवल मैं हूँ। मैं ही परमब्रह्म परमशिव और विष्णु हूँ। मुझसे अन्य कोई या कुछ भी नहीं है।