होली के त्योहार को मनाने के तरीकों में एक सकारात्मक क्रांतिकारी परिवर्तन आया है जो स्वागत योग्य व हर्ष का विषय है| पिछले साठ वर्षों से अधिक की स्पष्ट स्मृतियाँ हैं, जब होली का त्योहार अत्यधिक अश्लीलता व फूहड़ता से मनाया जाता था| लोग एक-दूसरे को अत्यधिक गंदी व अश्लील गालियां बकते थे और उनका आचरण भी बहुत अधिक निंदनीय होता था| मुझे यह देखकर स्वयं पर और अपने समाज पर शर्म आती थी कि इस पवित्र त्योहार को मनाने का तरीका इतना निकृष्ट और निंदनीय है| महिलाओं का तो साहस ही नहीं होता था कि घर से बाहर कदम भी रख सकें| मैं तो असहाय था और भगवान से प्रार्थना ही कर सकता था कि समाज से यह आसुरी-भाव और तामसिकता समाप्त हो|
Tuesday, 31 March 2026
होली के त्योहार को मनाने के तरीकों में एक सकारात्मक क्रांतिकारी परिवर्तन आया है जो स्वागत योग्य व हर्ष का विषय है|
Saturday, 28 March 2026
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानी ..... यही शास्त्रों का सार है ---
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानी ..... यही शास्त्रों का सार है||
Friday, 27 March 2026
अनन्य भाव से की गई अव्यभिचारिणी भक्ति ही परमात्मा को पाने का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है ---
अनन्य भाव से की गई अव्यभिचारिणी भक्ति ही परमात्मा को पाने का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है -
भारतीय सभ्यता को नष्ट करने के लिये सर्वप्रथम --- भारत की गुरुकुल शिक्षा पद्धति, और कृषि व्यवस्था को नष्ट किया गया ---
भारतीय सभ्यता को नष्ट करने के लिये सर्वप्रथम --- भारत की गुरुकुल शिक्षा पद्धति, और कृषि व्यवस्था को नष्ट किया गया ---
मेरा चंचल मन बार बार मुझे परमात्मा से दूर ले जाता है। यह मेरा परम धर्म है कि मैं इसे पुनश्च: परमात्मा में स्थित करूँ ---
यह लेख उनके लिए है जो भगवान की भक्ति तो करना चाहते हैं, लेकिन साहस नहीं जुटा पा रहे ---
यह लेख उनके लिए है जो भगवान की भक्ति तो करना चाहते हैं, लेकिन साहस नहीं जुटा पा रहे ---
मेरे लिए कर्मयोग, ज्ञानयोग व भक्तियोग क्या हैं?
हमारे सभी तरह के सभी संशयों का निवारण कैसे हो? ---
हमारे सभी तरह के सभी संशयों का निवारण कैसे हो? ---
Thursday, 26 March 2026
सत्साहित्य पढ़ने से भक्ति जागृत होती है .... .
सत्साहित्य पढ़ने से भक्ति जागृत होती है ....
Wednesday, 25 March 2026
सत्संग ---
सत्संग ---
Sunday, 22 March 2026
प्रार्थना ---
प्रार्थना ---
नवरात्रि का पर्व हमारे जीवन में व्याप्त सब तरह के विकारों और अभावों को दूर कर सद्गुणों को प्राप्त करने की साधना है।
नवरात्रि का पर्व हमारे जीवन में व्याप्त सब तरह के विकारों और अभावों को दूर कर सद्गुणों को प्राप्त करने की साधना है। हमारे जीवन में अभाव क्यों हैं? उनके कारणों का विश्लेषण कर उन्हें दूर कीजिये। मुख्य कारण है—जीवन में तमोगुण की प्रधानता, जिसके कारण प्रज्ञा यानी विवेक का अभाव है। इसी के कारण सब तरह की दरिद्रता है।
हमें असत्य के अंधकार में कौन भटकाता है?
हमें असत्य के अंधकार में कौन भटकाता है?