Wednesday, 21 January 2026

मेरे जीवन का हर एक क्षण परमात्मा की अभिव्यक्ति है --- .

 मेरे जीवन का हर एक क्षण परमात्मा की अभिव्यक्ति है ---

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मेरे जीवन में आने वाले, और आये हुए हरेक प्रश्न का एक ही उत्तर है; और वह उत्तर है -- "परमात्मा की इच्छा"। इस से अन्य सब उत्तर गलत हैं। मेरे में कभी कोई स्वतंत्र इच्छा न तो थी, न ही है, और न ही कभी होगी। मेरे में कुछ समय के लिए एक विजातीय पश्चिमी आसुरी विचार आ गया था कि मैं "स्वनिर्मित" यानि "Self made" हूँ। यह एक गलत विजातीय विचार था जो मैंने कभी का दूर कर दिया है। मेरे जीवन की सभी समस्याओं, सभी अभावों, प्रचूरता, पीड़ाओं, आनंद, व आस्थाओं का एकमात्र स्त्रोत -- परमात्मा है। परमात्मा ने ही यह जीवन जीया है, और इस शरीर की अंतिम सांस तक वे ही इस शरीर में जीवन जीयेंगे।
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अभी लिखने के लिए और कुछ भी नहीं बचा है। जो कुछ भी मैं लिखना चाहता था, वह सब कुछ लिख चुका हूँ। सम्पूर्ण अस्तित्व परमात्मा है, और परमात्मा को ही यह जीवन समर्पित भाव से व्यक्त कर रहा है। मैं जीवित हूँ, या मैं साँसें ले रहा हूँ, यह मेरा एक मिथ्या भ्रम है। वास्तव में इस शरीर में परमात्मा ही जीवित हैं, और वे ही इस शरीर में साँसे ले रहे हैं। परमात्मा के ही एकमात्र अस्तित्व, उनकी सर्वव्यापक प्रकाशमय अनंतता, और उनके परमप्रेम के प्रति मैं निरंतर सजग हूँ। परमात्मा का अस्तित्व ही मेरा अस्तित्व है, मैं उनसे पृथक नहीं, उनके साथ एक हूँ। ॐ तत्सत् !! ॐ ॐ ॐ !!
कृपा शंकर
२१ जनवरी २०२५