नवरात्रि का पर्व हमारे जीवन में व्याप्त सब तरह के विकारों और अभावों को दूर कर सद्गुणों को प्राप्त करने की साधना है। हमारे जीवन में अभाव क्यों हैं? उनके कारणों का विश्लेषण कर उन्हें दूर कीजिये। मुख्य कारण है—जीवन में तमोगुण की प्रधानता, जिसके कारण प्रज्ञा यानी विवेक का अभाव है। इसी के कारण सब तरह की दरिद्रता है।
नवरात्रों के पर्व पर हम इसीलिए जगन्माता के तीन रूपों -- महासरस्वती, महालक्ष्मी, और महाकाली की आराधना करते हैं। इन तीनों का समन्वित रूप महादुर्गा है। महाकाली हमारे में सब तरह के विकारों को दूर करती है। महालक्ष्मी हर प्रकार की दरिद्रता दूर करती है। महासरस्वती हमें विवेक प्रदान कर आत्म-साक्षात्कार कराती है।
अपने विवेक से इस विषय पर ध्यान दें, और परमात्मा के मातृरूप की आराधना करें।
कृपा शंकर
२० मार्च २०२६
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