Saturday, 27 June 2026

इस पृथ्वी पर एक ही राष्ट्र है जिसका नाम "भारत" है, अन्य सब कलिकाल की भ्रांतियाँ हैं।

 इस पृथ्वी पर एक ही राष्ट्र है जिसका नाम "भारत" है, अन्य सब कलिकाल की भ्रांतियाँ हैं। राष्ट्र उसे कहते हैं जो चारों पुरुषार्थों द्वारा प्रजा का रञ्जन करे।

मैं अपने दोनों हाथ उठाकर, ईश्वर को साक्षी मानते हुए प्रतिज्ञा और संकल्प करता हूँ कि -- "भारत की राजनीति -- सत्य-सनातन-धर्म होगी, व भारत अपने द्विगुणित परम वैभव के साथ एक अखंड धर्मनिष्ठ राष्ट्र होगा। असत्य और अंधकार की शक्तियाँ भारत से मिट जायेंगी।"
"ॐ विष्णवे नमः", "ॐ विष्णवे नमः", "ॐ विष्णवे नमः" "ॐ स्वस्ति"॥
कृपा शंकर
१५ अप्रेल २०२६

1 comment:

  1. सत्य-सनातन-धर्म और भारत की रक्षा हो। सनातन धर्म का ईसाईकरण बंद हो। भारत में CIA और ISI दोनों ही विध्वंसक गतिविधियों में लिप्त हैं। उन आसुरी शक्तियों के षड़यंत्रों से भारत की रक्षा हो।
    और तो कुछ कर सकते नहीं, असहाय हैं, अतः ईश्वर की शरणागत हैं। हमारे धर्म और राष्ट्र की रक्षा हो। ॐ ॐ ॐ !!

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