Tuesday, 13 October 2026

जिन खोजा तिन पाइयाँ गहरे पानी पैठ ---

 जिन खोजा तिन पाइयाँ गहरे पानी पैठ ---

.
दोष हमारी डुबकी में है, महासागर में नहीं| जब हमें महासागर में मोती ही ढूँढने हैं तो वे समुद्र तट की रेत में लात मारने से नहीं मिलेंगे| उसके लिए समुद्र की गहराई में डुबकी लगानी होगी| जो गहरे पानी में उतरेंगे उन्हें ही मोती मिलेंगे, न कि ऊपरी सतह पर तैरने वालों को| यदि मोती नहीं मिलते हैं तो इसमें सागर का क्या दोष है? दोष तो डुबकी में है|
.
परमात्मा को उपलब्ध होने के लिए भी स्वयं को गहराई में उतरना होगा| कोई दूसरा हमारे लिए यह कार्य नहीं कर सकता| किसी के पीछे पीछे भागने से कुछ नहीं होने वाला| मात्र प्रवचन सुनने, मात्र ग्रंथों का अध्ययन करने या ऊँची ऊँची दार्शनिक बातों से कुछ नहीं होगा| आहुती स्वयं की ही देनी होगी|
.
ॐ तत्सत् | ॐ ॐ ॐ ||
कृपा शंकर
१३ अक्टूबर २०१६

No comments:

Post a Comment