Sunday, 11 October 2026

पितृ विसर्जन

 तस्मै स्वधा नमः, तस्मै स्वधा नमः, तस्मै स्वधा नमः !!

सर्वपितृ अमावस्या के दिन आत्म-प्रेरणा से आज सम्मानपूर्वक सब पितरों की विदाई (पितृ विसर्जन) कर दी। कोई बड़ा आडंबर नहीं किया, श्रद्धाभाव से घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर सरसों के तेल का चौमुखी दीया जला कर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके एक लोटे जल में थोड़े से काले तिल मिलाकर पित्तरों को अर्घ्य दिया; और दोनों हाथ उठाकर पितरों से अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगते हुए उन्हें आदरपूर्वक विदा किया। जैसी भी प्रेरणा मिली, वैसा ही किया। इससे अधिक का ज्ञान भी तो नहीं है।

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