गरबा नृत्य ---
भगवती महाकाली और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना का नृत्य है जो एक दीपक (गर्भ दीप) जलाकर उसके चारों ओर किया जाता है। इसमें पूर्ण भक्तिभाव से केवल भजन ही गाये जाते हैं। इसका आरंभ 15 वीं शताब्दी में हरिवंश पुराण में वर्णित 'ताल रासक' एवं 'दंड रासक' से मिली प्रेरणा से हुआ। इसका वर्तमान स्वरूप तो एक विकृति मात्र है।
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