१४ फरवरी को वेलेंटाइन दिवस मनाने वाले इसे अवश्य पढ़ें ------
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वेलेंटाइन दिवस शुभ हो !!!!! सर्व प्रथम तो यह दिवस मनाने वालों के लिए शुभ कामना प्रकट करता हूँ कि भगवान आपको सद्बुद्धि दे|
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वेलेंटाइन दिवस शुभ हो !!!!! सर्व प्रथम तो यह दिवस मनाने वालों के लिए शुभ कामना प्रकट करता हूँ कि भगवान आपको सद्बुद्धि दे|
यहाँ मैं वेलेंटाइन की जीवन गाथा बताता हूँ -------
ईसा की चौथी शताब्दी में वैलेंटाइन नाम के एक आदमी का जन्म हुआ जो बाद में एक पादरी बना| उस समय यूरोप के लोग कुत्तों आदि जानवरों की तरह यौन सम्बन्ध रखते थे| कहीं कोई नैतिकता नहीं थी| इन महाशय ने लोगों को सिखाना शुरू किया कि यह अच्छी बात नहीं है, और एक प्रेमी या प्रेमिका चुन कर सिर्फ उसी से प्यार को और उसी से शारीरिक संबंध बनाओ, विवाह करो आदि| रोम में घूम घूम कर वे लोगों को प्रेमी/प्रेमिका चुनने और विवाह करने का उपदेश देते थे| उन्होंने प्रेमी प्रेमिकाओं का विवाह कराना शुरू कर दिया जिससे वहाँ के लोग नाराज़ हो गए क्योंकि वहाँ के समाज में बिना विवाह के रखैलें रखना शान समझी जाती थीं और स्त्री का स्थान मात्र एक भोग की वस्तु था|
रोम के राजा क्लोडियस ने उन सब जोड़ों को एकत्र किया जिनका विवाह वेलेंटाइन ने कराया था और १४ फरवरी ४९८ ई. को उसे सबके सामने खुले मैदान में फाँसी दे दी| उसका अपराध था कि वे बच्चों के विवाह करवाते हैं| उस वैलेंटाइन की दुखद याद में 14 फ़रवरी को वहाँ के प्रेमी प्रेमिकाओं ने वैलेंटाइन डे मनाना शुरू किया तो उस दिन से यूरोप में वैलेंटाइन डे मनाया जाता है|
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भारत में लड़के-लड़िकयां बिना सोचे-समझे एक दुसरे को वैलेंटाइन डे का कार्ड दे रहे हैं | और जो कार्ड होता है उसमे लिखा होता है " Would You Be My Valentine" जिसका मतलब होता है "क्या आप मुझसे शादी करेंगे"|
मतलब तो किसी को मालूम होता नहीं है, वो समझते हैं कि जिससे हम प्यार करते हैं उन्हें ये कार्ड देना चाहिए तो वो इसी कार्ड को अपने माँ-बाप और दादा-दादी को भी दे देते हैं| एक दो नहीं दस-बीस लोगों को ये ही कार्ड वो दे देते हैं|
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इस धंधे में बड़ी-बड़ी कंपनियाँ लग गयी हैं जिनको कार्ड बेचना है, जिनको गिफ्ट बेचना है, जिनको चाकलेट बेचनी हैं और टेलीविजन चैनल वालों ने इसका धुआधार प्रचार कर दिया है|
अरे प्यारे बच्चो कुछ नकल में भी अकल रखो|
इससे अच्छा तो है कि इस दिन को मातृ-पितृ पूजा दिवस के रूप में ही मनाओ|
प्रेम ही करना ही तो भगवान से करो| भारत में बड़े बड़े प्रभुप्रेमी हुए हैं, उन्हें याद करो| धन्यवाद|
पुनश्चः: शुभ वेलेंटाइन दिवस !!!!!
कृपा शंकर
१४ फरवरी २०१४
ईसा की चौथी शताब्दी में वैलेंटाइन नाम के एक आदमी का जन्म हुआ जो बाद में एक पादरी बना| उस समय यूरोप के लोग कुत्तों आदि जानवरों की तरह यौन सम्बन्ध रखते थे| कहीं कोई नैतिकता नहीं थी| इन महाशय ने लोगों को सिखाना शुरू किया कि यह अच्छी बात नहीं है, और एक प्रेमी या प्रेमिका चुन कर सिर्फ उसी से प्यार को और उसी से शारीरिक संबंध बनाओ, विवाह करो आदि| रोम में घूम घूम कर वे लोगों को प्रेमी/प्रेमिका चुनने और विवाह करने का उपदेश देते थे| उन्होंने प्रेमी प्रेमिकाओं का विवाह कराना शुरू कर दिया जिससे वहाँ के लोग नाराज़ हो गए क्योंकि वहाँ के समाज में बिना विवाह के रखैलें रखना शान समझी जाती थीं और स्त्री का स्थान मात्र एक भोग की वस्तु था|
रोम के राजा क्लोडियस ने उन सब जोड़ों को एकत्र किया जिनका विवाह वेलेंटाइन ने कराया था और १४ फरवरी ४९८ ई. को उसे सबके सामने खुले मैदान में फाँसी दे दी| उसका अपराध था कि वे बच्चों के विवाह करवाते हैं| उस वैलेंटाइन की दुखद याद में 14 फ़रवरी को वहाँ के प्रेमी प्रेमिकाओं ने वैलेंटाइन डे मनाना शुरू किया तो उस दिन से यूरोप में वैलेंटाइन डे मनाया जाता है|
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भारत में लड़के-लड़िकयां बिना सोचे-समझे एक दुसरे को वैलेंटाइन डे का कार्ड दे रहे हैं | और जो कार्ड होता है उसमे लिखा होता है " Would You Be My Valentine" जिसका मतलब होता है "क्या आप मुझसे शादी करेंगे"|
मतलब तो किसी को मालूम होता नहीं है, वो समझते हैं कि जिससे हम प्यार करते हैं उन्हें ये कार्ड देना चाहिए तो वो इसी कार्ड को अपने माँ-बाप और दादा-दादी को भी दे देते हैं| एक दो नहीं दस-बीस लोगों को ये ही कार्ड वो दे देते हैं|
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इस धंधे में बड़ी-बड़ी कंपनियाँ लग गयी हैं जिनको कार्ड बेचना है, जिनको गिफ्ट बेचना है, जिनको चाकलेट बेचनी हैं और टेलीविजन चैनल वालों ने इसका धुआधार प्रचार कर दिया है|
अरे प्यारे बच्चो कुछ नकल में भी अकल रखो|
इससे अच्छा तो है कि इस दिन को मातृ-पितृ पूजा दिवस के रूप में ही मनाओ|
प्रेम ही करना ही तो भगवान से करो| भारत में बड़े बड़े प्रभुप्रेमी हुए हैं, उन्हें याद करो| धन्यवाद|
पुनश्चः: शुभ वेलेंटाइन दिवस !!!!!
कृपा शंकर
१४ फरवरी २०१४