अब और अधिक समय मिलेगा भगवान की उपासना (भक्ति) के लिए ---
माना कि चारों ओर बहुत अधिक घना अंधकार है, लेकिन मुझ निमित्त मात्र का काम तो परमात्मा को जीवन में व्यक्त कर उनका प्रकाश फैलाना ही है, और कुछ भी नहीं।
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आज शाम को कुछ देरी से मेरा लैपटॉप कामचलाऊ मरम्मत के बाद बापस आया है। सब ने एक नया डेस्कटॉप खरीदने, और इस लैपटॉप को रद्दी में डाल देने की सलाह दी है। अधिक से अधिक कुछ दिन और यह चल सकता है। इस लैपटॉप ने १३ वर्षों तक बहुत अच्छी सेवा दी है। जब तक चल रहा है, तब तक इसे ही ठोक-पीट कर चलाऊँगा। यह कैसे चल रहा है, यह देखकर तो मुझे भी आश्चर्य हो रहा है। ईश्वर की कृपा ही थी कि यह काम करना बंद हो गया। थोड़ा बहुत चल जाता है। मेरा मोबाइल एंड्रॉइड फोन भी अपना उपयोगी जीवन लगभग पूर्ण कर चुका है। इन दोनों का उपयोग कम कर दूंगा।
इससे लाभ यह होगा कि अब और अधिक समय मिलेगा भगवान की उपासना के लिए। अनावश्यक लेख नहीं लिखने पड़ेंगे। अनावश्यक संपर्क नहीं होंगे। परमात्मा के चैतन्य (ब्रह्मभाव) में स्थित रहने का निरंतर प्रयास ही मेरे लिए "उपासना" है।
ॐ तत्सत् !! ॐ ॐ ॐ !!
कृपा शंकर
१६ अगस्त २०२२
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