Tuesday, 18 August 2026

विश्व की स्थिति बड़ी विचित्र है।

 विश्व की स्थिति बड़ी विचित्र है। यहाँ मैं अपनी आंतरिक अनुभूतियाँ ही लिख रहा हूँ जो विश्व की वर्तमान घटनाओं का मेरा विश्लेषण है। कोई आवश्यक नहीं है कि इससे कोई सहमत ही हो। मैं जो लिख रहा हूँ, किसी की भावनाओं को आहत किए बिना मेरा अभिव्यक्ति का अधिकार है।

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चीन से युद्ध करने के लिए अमेरिका इस समय बहुत अधिक व्याकुल है। उसके साथ साथ ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान और लगभग पूरा पश्चिमी यूरोप प्रतीक्षारत है। अपने वर्चस्व के विस्तार के लिए अमेरिका हृदय से चाहता है कि रूस, चीन और भारत का सर्वनाश हो। इन को नष्ट कर के ही अमेरिका विश्व पर राज्य कर सकता है।
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रूस का सर्वनाश करने के,लिए रूस को यूक्रेन से लड़ा दिया गया है। और अन्य रूस के पड़ोसियों को भी रूस से लड़ाने की योजनाएँ बन रही हैं। रूस से सीधे लड़ने की अमेरिका की हिम्मत नहीं है इसलिए रूस को पड़ोसियों से लड़ाया जा रहा है। चीन को मौका मिलते ही अमेरिका नष्ट कर देगा। वह कभी नहीं चाहेगा कि चीन एक महाशक्तिशाली देश बने। अमेरिका को पता है कि चीन को यदि अभी नष्ट नहीं किया गया तो चीन इतना शक्तिशाली हो जाएगा कि वह अमेरिका को ही नष्ट कर देगा। भारत से मित्रता इस समय अमेरिका कर रहा है क्योंकि चीन के विरुद्ध वह भारत का सहयोग चाहता है।
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चीन को नष्ट करने के बाद अमेरिका का अगला लक्ष्य भारत होगा ---
अमेरिकी साम्राज्यवाद के विस्तार में भारत का हिन्दुत्व सबसे बड़ा बाधक है।
लेकिन इसकी नौबत आएगी ही नहीं। चीन और रूस से युद्ध में अमेरिका स्वयं भी नष्ट हो सकता है। भारत एक महाशक्ति बनाकर उभरेगा।
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अधिक विस्तार से मैं और नहीं लिखना नहीं चाहता। आप अपने निज विवेक से सोच लीजिये कि क्या होगा। मैंने जो भी लिखा है वह एक कटु सत्य है।
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जय श्रीकृष्ण !! भारत की रक्षा भगवान करेंगे। भगवान ही दुष्टों का नाश कर सज्जनों की रक्षा करेंगे। वह समय शीघ्र आ रहा है।
"परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्। धर्मसंस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे॥"
ॐ तत्सत् !!
कृपा शंकर
१८ अगस्त २०२२

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