सम्पूर्ण अस्तित्व ही राम का नाम है। उससे परे कुछ भी नहीं है।
Monday, 16 March 2026
सम्पूर्ण अस्तित्व ही राम का नाम है। उससे परे कुछ भी नहीं है।
योग या तंत्र मार्ग की कोई भी साधना हो, ईश्वर को समर्पित होकर की गई भक्ति में कोई भय नहीं है ---
योग या तंत्र मार्ग की कोई भी साधना हो, ईश्वर को समर्पित होकर की गई भक्ति में कोई भय नहीं है ---
स्वयं भगवान विष्णु ही यह समस्त सृष्टि बन गये हैं, उनकी इस विराट अनंतता का बोध ऊर्ध्व में होता है ---
स्वयं भगवान विष्णु ही यह समस्त सृष्टि बन गये हैं, उनकी इस विराट अनंतता का बोध ऊर्ध्व में होता है। उस अनंतता का ध्यान ऊर्ध्वमूल में करते हुए स्वयं को उन की दिव्य चेतना में ऐसे ही विलीन कर दें, जैसे जल की एक बूंद विराट महासागर में विलीन हो जाती है। भगवान की अनुभूति सच्चिदानंद के रूप में होती है। हम स्वयं वह सत् चित्त आनंद हैं, यह नश्वर देह नहीं।
Sunday, 15 March 2026
वर्तमान परिस्थितियों में सर्वश्रेष्ठ क्या किया जा सकता है ?
आजकल एक विचित्र सी मनःस्थिति हो गई है, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। समय, मान्यताएँ और परिस्थितियाँ -- पूरी तरह बदल गई हैं। मेरे पुराने अधिकांश साथी अज्ञात में चले गए हैं। बहुत कम, दो-चार ही बचे हैं। शारीरिक, मानसिक, और बौद्धिक क्षमताएँ भी बहुत अधिक क्षीण हो गई हैं।
Wednesday, 11 March 2026
आप सब जीव से शिव बनें और परमात्मा में आपकी जागृति हो ---
"नास्ति नादात परो मन्त्रो न देव: स्वात्मन: पर:
Tuesday, 10 March 2026
"राधा" नाम को कुछ लोग विवादित कर रहे हैं, यह उनकी अज्ञानता है ---
"राधा" नाम को कुछ लोग विवादित कर रहे हैं, यह उनकी अज्ञानता है। महर्षि श्रीअरविंद के अनुसार श्रीराधा -- भगवान की भक्ति और समर्पण की सर्वोच्च अभिव्यक्ति हैं। योगिराज श्यामाचरण लाहिड़ी महाशय के अनुसार जिस शक्ति ने सम्पूर्ण सृष्टि को धारण कर रखा है, उसका नाम श्रीराधा है। निंबार्क वैष्णव संप्रदाय की तो आराध्या ही भगवती श्रीराधाजी हैं। मेरा अपना अनुभव है कि जिस समय हृदय में भक्तिभाव प्रबलतम होता है, उस समय श्रीराधा जी का ही स्मरण होता है।
Sunday, 8 March 2026
प्रारब्ध और पुरुषार्थ ---
प्रारब्ध और पुरुषार्थ ---
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