Friday, 14 August 2026

भारत पुनश्च: अखंड होगा ---

 सन १९४७ में अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट एवं ट्रूमेन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री चर्चिल और एटली, सोवियत संघ के तानाशाह स्तालिन, तथा भारत के मोहनदास गांधी, जवाहर लाल नेहरू, और मुहम्मद अली जिन्ना ने मिलकर पाकिस्तान नाम का एक अलग मजहबी स्टेट बना दिया जो अब पाकिस्तान एवं बांग्लादेश के रूप में है। लेकिन यह विभाजन स्थायी नहीं है। भारत शीघ्र ही फिर से अखंड होगा। यह मैं अपनी अंतर्चेत्ना से कह रहा हूँ। कब होगा? यह मैं नहीं कह सकता।

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अगले सात वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका का विखंडन हो जाएगा। अमेरिका की अर्थ-व्यवस्था विफल हो जाएगी। वहाँ मंहगाई बढ़नी आरंभ हो चुकी है। दो साल बाद वहाँ असंतोष फ़ेल जाएगा, और सरकार विरोधी प्रदर्शन आरंभ हो जाएँगे। अमेरिका में महाविनाश होगा, जिसमें रूस की बड़ी भूमिका होगी।
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शीघ्र ही कुछ वर्षों में ब्रिटेन पर अफ्रीका और एशिया से आये काले लोगों का राज होगा। अंग्रेज़ उनके गुलाम होंगे।
यूरोप की समृद्धि एशिया और अफ्रीका से लूट-खसोट के धन से थी। अब वे लूट-खसोट नहीं कर सकते। यूरोप के सब देश अगले सात वर्षों में गरीब देश हो जाएँगे।
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पाकिस्तान का चार, और चीन का सात टुकड़ों में बंटना तय है। अगले सात वर्षों में विश्व की अधिकांश जनसंख्या नष्ट हो जाएगी। बहुत कम लोग बचेंगे।
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ॐ तत्सत् !! ॐ ॐ ॐ !!
१४ अगस्त २०२३

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