Sunday, 5 July 2026

इस राष्ट्र में धर्म रूपी बैल पर बैठकर भगवान भोलेनाथ ही विचरण करेंगे ---

 इस राष्ट्र में धर्म रूपी बैल पर बैठकर भगवान भोलेनाथ ही विचरण करेंगे, भगवान श्रीराम के कोदंड धनुष की ही टंकार सर्वत्र सुनेगी, और नवचेतना को जागृत करने हेतु भगवान श्रीकृष्ण की ही बांसुरी सदा बजेगी। हमारे हृदय के एकमात्र राजा भगवान श्रीराम हैं। उन्होंने ही सदा हमारी हृदय-भूमि पर राज्य किया है, और सदा वे ही हमारेे राजा रहेंगे। हमारे हृदय की एकमात्र महारानी भगवती सीता जी हैं। वे ही हमारी गति हैं। अन्य किसी का राज्य हमें स्वीकार्य नहीं है।

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राम से एकाकार होने तक हमारे हृदय में प्रज्ज्वलित अभीप्सा की प्रचंड अग्नि का दाह नहीं मिटेगा। राम से पृथक होने की यह घनीभूत पीड़ा हर समय हमें निरंतर दग्ध करती रहेगी। राम ही हमारे अस्तित्व हैं, और उनसे एक हुए बिना हमारे इस भटकाव का अंत नहीं होगा। हमारे सिर पर किसी ने जलते हुए कोयलों से भरी हुई परात रख दी है, जिसकी पीड़ा का अंत राम से मिलन द्वारा ही हो सकता है।
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FCRA कानूनी संशोधन का मैं स्वागत करता हूँ। विदेशों से जो धन भारत की सनातन संस्कृति को नष्ट करने के लिए आ रहा था। उस पर रोक लगेगी। भारत के सभी सरकार-नियंत्रित मंदिरों से अब तक अथाह लूट हुई है। जो धन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में खर्च होना चाहिए था, उसका उपयोग सनातन धर्म को नष्ट करने में हुआ है। जिन्होंने एक फूटी कौड़ी तक दान में नहीं दी, वे अब एक मंदिर में हुई चोरी पर शोर मचा रहे हैं। चोरों को दंड तो निश्चित रूप से मिलेगा।
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श्रीराम !! श्रीराम !! श्रीराम !! श्रीराम !! श्रीराम !! श्रीराम !! श्रीराम !! श्रीराम !!
कृपा शंकर
२८ जून २०२६

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