"मांगतोड़ा" शब्द का अर्थ -- राजस्थान में मांगतोड़ा या मांगतोड़ उस व्यक्ति को कहते हैं जो दूसरों से हमेशा कुछ-न-कुछ मांगने की आदत रखता है। जब कोई व्यक्ति बार-बार लोगों से कुछ न कुछ मांगता रहता है, उसे मांगतोड़ा या मांगतोड़ कहा जाता है। ऐसे ही परमात्मा का एक परम ज्योतिर्मय रूप है जो हमारे भीतर के तमस को दूर करता है, उसी का ध्यान करें, और उसी को जीवन में अवतरित करें। परमात्मा से कुछ भी नहीं मांगें, अपितु अपना सम्पूर्ण अस्तित्व उन्हें समर्पित कर दें।
Friday, 26 June 2026
परमात्मा की एक शक्ति है जिसने इस सम्पूर्ण सृष्टि को धारण कर रखा है, प्राण रूप में समस्त चैतन्य वे स्वयं हैं, उपासना उन्हीं की करें ---
ईश्वर को प्रसन्न करने का एकमात्र मार्ग ---
ईश्वर को प्रसन्न करने का एकमात्र मार्ग ---
नित्य नियमित ध्यान-साधना बहुत अधिक आवश्यक है ---
नित्य नियमित ध्यान-साधना बहुत अधिक आवश्यक है ---
२१ जून को ही भारत में योग-दिवस क्यों मनाया जाता है ?
२१ जून को ही भारत में योग-दिवस क्यों मनाया जाता है ?
अति निकट भविष्य में भारत एक सतोगुण प्रधान अति पराक्रमी देश होगा, जहाँ असत्य के अंधकार का कोई अवशेष नहीं रहेगा।
अति निकट भविष्य में भारत एक सतोगुण प्रधान अति पराक्रमी देश होगा, जहाँ असत्य के अंधकार का कोई अवशेष नहीं रहेगा। ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ अभिव्यक्ति सभी के जीवन में होगी। हमारी सारी आध्यात्मिक साधना इसी उद्देश्य के लिए है। हमारा उच्चतम दायित्व परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण है। सबसे बड़ी सेवा जो हम समाज, राष्ट्र और दूसरों के लिए कर सकते हैं, वह है परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण। जिस प्रकार एक इंजन अपने ड्राइवर के हाथों में सब कुछ सौंप देता है, एक विमान अपने पायलट के हाथों में सब कुछ सौंप देता है वैसे ही हम चाहते हैं कि हमारी अपनी सम्पूर्ण सत्ता परमात्मा के हाथों में हो। ॐ तत् सत् !!
भगवान के वास्तविक भक्त केवल वर्तमान में जीते हैं। उनका भूतकाल से कोई संबंध नहीं होता।
भगवान के वास्तविक भक्त केवल वर्तमान में जीते हैं। उनका भूतकाल से कोई संबंध नहीं होता।
ईश्वर से ईश्वर के अतिरिक्त हमें कुछ अन्य चाहिए ही नहीं ---
ईश्वर से ईश्वर के अतिरिक्त हमें कुछ अन्य चाहिए ही नहीं ---