संसार में जीवन की सारी समस्याओं का निदान ---
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हम संसार में जन्म लेते हैं, तब से भौतिक मृत्यु तक समस्याएँ ही समस्याएँ हमारे समक्ष रहती हैं। जीवन का कोई भी ऐसा पक्ष नहीं है जिसमें समस्याएँ न हों। अपनी किशोरावस्था में मैं समझता था कि मनुष्य की भौतिक दरिद्रता ही जीवन की सबसे बड़ी समस्या है। बाद में युवावस्था में अनुभव किया कि आध्यात्मिक दरिद्रता ही हमारी सबसे बड़ी समस्या है। भौतिक जीवन की इस वृद्धावस्था में मैं यह बात निज जीवन के पूर्ण अनुभव से कहता हूँ कि आध्यात्मिक दरिद्रता ही हमारी सबसे बड़ी समस्या है। उस से बड़ी कोई अन्य समस्या नहीं है।
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इसका कोई सार्वजनिक व सार्वभौमिक निदान नहीं है। हर व्यक्ति को अपना उत्तर स्वयं पाना होता है। पूर्ण निष्ठा से भगवान से प्रार्थना करेंगे तो इस प्रश्न का उत्तर अवश्य मिलेगा कि हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ मार्ग कौन सा है। एक ही मार्ग सबके लिए नहीं हो सकता। हम अपनी पूर्ण निष्ठा से भगवान से मार्गदर्शन के लिए प्रार्थना करें, भगवान से उत्तर अवश्य प्राप्त होगा।
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मेरा निजी व्यक्तिगत मत तो यह है कि हर परिवार में शिवपूजा और गीता पाठ नित्य होना चाहिए। यह उपाय सब के लिए नहीं हो सकता। महात्माओं के मुख से सुना है कि अपनी अपनी कुलदेवी की नित्य आराधना करनी चाहिए। भगवान के अपने अपने इष्ट रूप की नित्य नियमित आराधना और मार्ग-दर्शन की प्रार्थना करें।
३१ जुलाई २०२३
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