साधना में सफलता -- भगवान की विशेष परम कृपा पर ही निर्भर है। यह कोई mechanical नहीं है। हम भगवान पर कोई अहसान यानि उपकार नहीं कर रहे हैं कि हमने इतने जप-तप, पूजा-पाठ और पुरश्चरण आदि किए हैं, अतः हमारी मांगें पूरी करो। हम भगवान से मांग नहीं, विनम्र प्रार्थना ही कर सकते हैं।
भगवान की कृपा प्रत्यक्ष भी हो सकती है और गुरु के माध्यम से भी हो सकती है। भगवान से कोई मांग करनी ही नहीं चाहिए। उनके प्रेम के अलावा अन्य कुछ मांगना भी नहीं चाहिए। उनको सब पता है कि हमारी क्या आवश्यकता है।
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