आज ३१ मई २०२५ को अङ्ग्रेज़ी तिथि के अनुसार सत्य-सनातन हिन्दू-धर्म की महान उद्धारकर्ता, भगवान शिव की मानस-पुत्री, पुण्यश्लोका महारानी अहिल्याबाई होळकर की तीनसौवीं जयंती है (जन्म : ३१ मई १७२५. मृत्यु १३ अगस्त १७९५) (राज्यकालावधी १७६७ - १७९५ई.) उस कालखंड में वे सत्य-सनातन हिन्दू-धर्म की महान उद्धारकर्ता थीं। उन्होने इंदौर नगर की स्थापना की व वहीं से मालवा पर शासन किया।
Saturday, 31 May 2025
आज ३१ मई २०२५ को महारानी अहिल्याबाई होळकर की तीनसौवीं जयंती है ---
गर्मी का आनंद लेते हुए स्वयं को सारे संचित व प्रारब्ध कर्मों से मुक्त करें ---
गर्मी का आनंद लेते हुए स्वयं को सारे संचित व प्रारब्ध कर्मों से मुक्त करें
गर्मी के मौसम की सकारात्मकता ---
गर्मी के मौसम की सकारात्मकता ---
महारानी अहिल्याबाई की २९४ वीं जयंती ---
भारत माँ अपने द्वीगुणित परम वैभव के साथ अखंडता के सिंहासन पर बैठे, व सनातन धर्म की पुनर्प्रतिष्ठा और वैश्वीकरण हो|
भारत माँ अपने द्वीगुणित परम वैभव के साथ अखंडता के सिंहासन पर बैठे, व सनातन धर्म की पुनर्प्रतिष्ठा और वैश्वीकरण हो| हमें न तोअपने अहंकार को तृप्त करने के लिए कोई आधिभौतिक उपलब्धि चाहिए, न ही हमें किसी व्यक्ति को प्रभावित कर उस से वाहवाही लूटनी है चाहे वह संसार की दृष्टि में कितना भी बड़ा व्यक्ति हो|
महारानी अहिल्याबाई होल्कर की २९५ वीं जयंती ---
भारत की एक महान मातृशक्ति और भगवान शिव की मानस पुत्री प्रातःस्मरणीया परम-शिवभक्त महारानी अहिल्याबाई होलकर (३१ मई १७२५ - १३ अगस्त १७९५) को नमन जिन का आज ३१ मई को जन्म हुआ था| हमारा दुर्भाग्य है कि धर्मनिरपेक्षता और हिन्दुद्रोह के कारण इनका इतिहास नहीं पढ़ाया जाता| इनके गौरव और महानता के बारे में जितना लिखा जाए उतना ही कम है|
हिंदुओं में होने वाले विवाह समारोहों के बारे में मेरे कुछ विचार हैं जिन्हें सराहते तो सब हैं पर पालन कोई नहीं करता :---
(१) दिवा लग्न हों यानि सूरज की रोशनी में विवाह हों ताकि जेनेरेटर और बिजली का फालतू खर्चा बचे, और रात्रि को लोग चैन से सो सकें| बैंड बाजा और नाच-कूद लड़के वाले अपने घर पर करें, कन्या पक्ष के यहाँ नहीं| .