Tuesday, 3 February 2026

भारत में क्षत्रिय राजाओं का राज्य फिर से स्थापित होगा --- .

 भारत में क्षत्रिय राजाओं का राज्य फिर से स्थापित होगा ---

.
वर्तमान व्यवस्था स्थायी नहीं है। धर्म की पुनः स्थापना का समय आ गया है। धर्म की पुनः प्रतिष्ठा और वैश्वीकरण होगा। क्षत्रिय राजाओं का राज्य भी पुनः स्थापित होगा। क्षत्रिय राजाओं के लिये राज्याभिषेक के समय सनातन धर्मरक्षा की प्रतिज्ञा लेना अनिवार्य था। पुरोहित उन्हें धर्मरक्षा का संकल्प और प्रतिज्ञा कराता था। वेदों और आगम शास्त्रों में इसे राजा का सर्वोच्च कर्तव्य बताया गया है। जो क्षति से त्राण करता है वह क्षत्रिय है। क्षत्रियों का क्षात्रधर्म -- भूमि और प्रजा की रक्षा, न्याय की स्थापना, और व्यवस्था बनाये रखना था। राजा अपने राज्य में सनातन धर्म, संस्कृति, मंदिरों और ऋषियों की रक्षा करने का प्रण लेते थे। साथ साथ युद्ध में अचल रहने की प्रतिज्ञा भी लेते थे। सरल शब्दों में, क्षत्रिय राजाओं के लिए धर्म की रक्षा उनका परम कर्तव्य था।
.
धर्म की स्थापना का युग आरंभ हो गया है। समय के साथ शीघ्र ही वर्णाश्रम धर्म की पुनर्स्थापना होगी। कोई चाहे या न चाहे भारत में क्षत्रिय राजाओं का राज्य पुनर्स्थापित होगा। यह कब और कैसे होगा? इस बारे में कुछ कह नहीं सकता, लेकिन निश्चित रूप से होगा।
ॐ तत् सत् !! ॐ स्वस्ति !! ॐ ॐ ॐ !!
कृपा शंकर
२५ जनवरी २०२६

No comments:

Post a Comment