Monday, 4 May 2026

ग्रेट निकोबार द्वीप की गैलाथिया खाड़ी प्रोजेक्ट का पूर्ण समर्थन ---

ग्रेट निकोबार द्वीप की गैलाथिया खाड़ी प्रोजेक्ट का पूर्ण समर्थन --
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भारत के ग्रेट निकोबार द्वीप का सुनामी आने से पहिले मैंने दो बार भ्रमण किया है, और वहाँ खूब घूमा हूँ। दो बार वहाँ पर भारत के दक्षिणतम बिन्दु "इंदिरा पॉइंट" प्रकाश-स्तम्भ पर भी चढ़ा हूँ। बड़े ही शानदार और सुंदर अविकसित समुद्री तट हैं। मैं भारत सरकार के ग्रेट निकोबार द्वीप की गैलाथिया खाड़ी प्रोजेक्ट का पूर्ण समर्थन करता हूँ। इससे नुकसान केवल चीन को है, शायद इसीलिए एक भारतीय राजनेता इसका खूब विरोध कर रहे हैं।
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वहाँ एक प्रमुख रणनीतिक और बुनियादी ढांचा विकास कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर में चीन की 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' रणनीति का मुकाबला करना और भारत को समुद्री व्यापार का केंद्र बनाना है। मलक्का जलडमरूमध्य (Malacca Strait) के पास स्थित होने के कारण, यह पोर्ट भारतीय नौसेना की क्षमता बढ़ाएगा और क्षेत्र में चीन के जहाजों की गतिविधियों पर भी नजर रखेगा। इतना ही नहीं इससे भारत एक वैश्विक कंटेनर ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में स्थापित हो जाएगा, क्योंकि भारत में इतना गहरा बन्दरगाह अन्यत्र कहीं है ही नहीं।
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चिंता का विषय यह है कि चीन -- थाइलैंड के साथ मिलकर थाइलैंड-की-खाड़ी से बंगाल-की-खाड़ी के मध्य एक समुद्री नहर बनाने की योजना पर काम शुरू करने वाला है जिससे मलक्का जलडमरूमध्य का महत्व बहुत कम रह जाएगा। बंगाल की खाड़ी में यह नहर निकोबार द्वीप समूह के बिल्कुल ऊपर खुलेगी। भारत को होने वाले हानि-लाभ की थाह लेना तो विशेषज्ञों का काम है। संबंधित नक्शे देखें, फिर विचार करें।
कृपा शंकर
२ मई २०२६

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