Wednesday, 1 April 2026

"ॐ नमो हनुमते पवनपुत्राय वैश्वानरमुखाय पापदृष्टि-चोरदृष्टि हनुमदाज्ञास्फुर ॐ स्वाहा।"

 उपरोक्त पंक्ति एकमुखी हनुमत्कवच में आती है, जिसे अनेक श्रद्धालु अपने घर के मुख्य द्वार पर लिख कर रखते हैं। कहते हैं कि इस से घर में कोई चोर नहीं घुस सकता। पर जो घुस चुका है उसका क्या इलाज है? हमारा घर तो पूरा भारत है जहाँ पता नहीं कितने तस्कर, चोर-डाकू, और आतंकवादी नर-पिशाच घुसे हुए हैं जो इस राष्ट्र को नष्ट करना चाहते हैं। ये सब असत्य और अंधकार की शक्तियाँ हैं। हनुमान जी की शक्ति ही हम सब की और इस राष्ट्र की रक्षा करेगी। हनुमान जयंती पर श्रीहनुमान जी को नमन। वे इस राष्ट्र की रक्षा करें।

.
"सभी दैवीय शक्तियाँ, भारत में छायी हुईं असत्य और अंधकार की शक्तियों का नाश करें। धर्म का अभ्युदय व वैश्वीकरण हो। भारत एक अखंड सत्यनिष्ठ और धर्मावलम्बी राष्ट्र बने। भारत की रक्षा हो।" ॐ स्वस्ति !! ॐ ॐ ॐ !!
कृपा शंकर १ अप्रैल २०२६

No comments:

Post a Comment