Thursday, 23 April 2026

अज़ान के बोल ---

इस लेख का उद्देश्य निष्पक्ष दृष्टि से बिना किसी पूर्वाग्रह के सभी की जानकारी को बढ़ाना ही है| हम नित्य दिन में पाँच बार ध्वनि-विस्तारक यंत्रों से मस्जिदों से बोली जा रही अज़ान की आवाज़ सुनते हैं| अज़ान की बांग हुई है इसका अर्थ है अब नमाज़ पढ़ी ही जाएगी| यह श्रद्धावानों को नमाज़ का समय होने की व नमाज पढ़ने की याद दिलाने के लिए होती है| इस लेख को मैं जन साधारण की जानकारी के लिए शेयर कर रहा हूँ| इसके अर्थों को मन ही मन अवश्य समझें|
.
इस समय मेरी आयु 72 वर्ष की है| जीवन में भगवान ने मुझे विश्व के ग्यारह मुस्लिम देशों .... मोरक्को, सऊदी अरब, मिश्र, तुर्की, मलयेशिया, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, यमन और ईरान जाने का अवसर दिया है| उपरोक्त ग्यारह देशों में जहाँ तक मुझे याद है, मैनें ध्वनि-विस्तारक यंत्रों से कहीं पर भी अज़ान की आवाज नहीं सुनी|
.
जब मैं 20 वर्ष का था तब तक भारत की किसी भी मस्जिद पर ध्वनि-विस्तारक यंत्र नहीं लगे थे| सन 1970 के दशक के आरंभ में पूरे भारत में हर मस्जिद पर बड़े-बड़े ध्वनि-विस्तारक यंत्र लग गए और full volume से उनका मुंह दूसरों के मोहल्लों की ओर कर के ही बजाया जाता है| क्या यह एक मनोवैज्ञानिक आक्रमण नहीं है? हर हिन्दू को इसके अर्थ का पता होना चाहिए| यदि पता होगा तभी तो वे कोई प्रतिक्रिया करेंगे|
.
रमज़ान का मुक़द्दस महिना भी कल या परसों से शुरू हो जाएगा| यह चाँद दिखाई देने पर निर्भर है| सभी श्रद्धालुओं को इस की शुभ कामनाएँ|
ॐ नमः शिवाय !!
23 April 2020

अज़ान इस्लाम में नमाज़(Pray) के लिए बुलाने के लिए ऊँचे स्वर में जो शब्द कहे जाते हैं, उन्हें कहते हैं ।

कुछ इस तरह के बोल हैं अज़ान में: यह अरबी ज़ुबान के बोल हैं:-

1)अल्लाहु अकबर (चार बार) Allahu Akbar Allahu Akbar (twice)
2) अशहदु अन ला इलाहा इल्लल्लाह (दो बार ) Ashahadu an la ilaha illa Allah (twice)
3)अशहदु अन्ना मुहमदन रसूल्लुल्लाह (दो बार) Ashahadu ana Muhamadan Rasoollullah (twice)
4)हैया ‘अल-सलाह (दो बार) Haya ‘ala asalah (twice)
5)हैया ‘अलल फ़लाह (दो बार) Haya ‘ala al falah (twice)
6)अल्लाहु अकबर (दो बार) Allahu Akbar Allahu Akbar (once)
7)ला इलाहा इल्लल्लाह (एक बार) La ilaha ila Allah (once)
तो ये थे अरबी ज़ुबान के बोल अब मैं इसके मायने(Meaning) बताता हूँ;-

अल्लाहु अकबर” का अर्थ होता है “अल्लाह महान है

अशहदु अन ला इलाहा इल्लल्लाह” का अर्थ होता है “मैं गवाही देता हूँ; कोई उपास्य नहीं सिवाय अल्लाह के”

“अशहदु अन्ना मुहमदन रसूल्लुल्लाह” का अर्थ होता है “मैं गवाही देता हूँ; मुहम्मद (saw) अल्लाह के रसूल (दूत) हैं“

हैया ‘अल-सलाह” का अर्थ होता है “आओ नमाज़ की तरफ़“

हैया ‘अलल फ़लाह” का अर्थ होता है “आओ सफ़लता की ओर“

“ला इलाहा इल्लल्लाह” का अर्थ होता है “कोई उपास्य नहीं सिवाय अल्लाह के“



उम्मीद करता हूँ आप सबको इसके मायने मालूम चल गए होंगे और अज़ान का सन्देश भी…

No comments:

Post a Comment