वैवाहिक निमंत्रण
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हमारे आराध्य देव भगवान शिव, कुलदेवी, पितृगणों, और गुरु परम्परा के गुरुओं के आशीर्वाद व आत्मीयजनों की शुभ कामनाओं से हमारी --
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स्वस्तिमयी हृदयकणिका सौभाग्यकांक्षिणी पुत्री --- श्रीमयी --- का मंगल परिणयोत्सव ....
चैत्र कृष्ण तृतीया सोमवार दिनांक ९ मार्च २०१५ को शुभ लग्नानुसार वेद मन्त्रों व मंगल गीतों के साथ धरा, अम्बर, वरुण, पवन एवं अग्नि की साक्षी में स्वस्तिमय हृदयांश चिरंजीवी --- शेखर --- के साथ संपन्न होगा|
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इस अवसर पर शहनाई की मंगलमय मधुर ध्वनी और वेदमंत्रों के मध्य नव युगल की नूतन अंकुरित सुरभित मंगलमय शुभ आकांक्षाओं व अभिलाषाओं को अपने स्नेहाशीषों की निर्मल वर्षा से अभिसिंचित कर हमें अनुगृहित करें|
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२४ फरवरी से नित्य नियमित रूप से मध्याह्न में हमारे घर पर मंगल गीतों के गायन हमारे घर-परिवार, कुटुम्ब-कबीले की परमस्नेही मातृशक्ति द्वारा हो रहे हैं|
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माता पिता की भावनाएँ .......
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रणत भँवर रा लाडला गौरीपुत्र गणेश, रिद्धि सिद्धि सहित पधारियो ब्रह्मा विष्णु महेश|
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हमारी लाडली के मामा आयेंगे भात चूनरी लायेंगे,
आप सब के साथ मिलकर हम भी मंगल गीत गायेंगे|
कुम्भकार के चाक से कलशपूजन भी होगा,
गृहस्थी की नींव का गुरुमंत्र यह होगा|
सौलह श्रृंगार के साथ होगी मेंहदी की भी रीत,
हमारी लाडली की हथेली पर उकरेगी पिया की प्रीत|
विवाह पूर्व ही होगा हल्द हाथ और बान,
आपके आगमन से बढ़ जाएगा हमारा मान|
विवाह की पूर्वसंध्या पर लाड चाव संगीत होगा,
ढोल नगाड़े गीत नृत्य से चिर स्मरणीय दिवस होगा|
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फूलों की वादियों ने सुनी ह्रदय की बात,
आप अवश्य पधारना संग खुशियों की सौगात|
इस मधुरिम बेला पर आपके आशीष से जीवन पुष्प खिलेगा,
प्रसन्नता हम सब को होगी हमें गौरव व संबल मिलेगा|
तारों की छांव में जब लाडली विदा होगी,
जन्म से लेकर अब तक की स्मृति आँखों में होगी|
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संसार की रीति का मुझको करना होगा निर्वाह,
हंसती खेलती वह सुख से रहे यही हमारे ह्रदय की चाह|
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सस्नेह दर्शनाभिलाषी ----
कृपा शंकर
संतोष
२४ फरवरी २०१५
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विवाह स्थल : गाड़िया सभागार (टाउन हॉल) झुंझुनू (राजस्थान).
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