हे प्रभु, सभी को उचित मार्गदर्शन प्राप्त हो। तमोगुण के प्रभाव से जो मूढ़ योनियों में हैं, उनका उद्धार करो। रजोगुण के प्रभाव से जो कर्मठ तो हैं, लेकिन धर्म-विमुख हो गए हैं, उनका भी उद्धार करो। यह समय बहुत अधिक खराब चल रहा है। आपके प्रत्यक्ष अनुग्रह की आवश्यकता सभी को है। इस समय आपकी प्रत्यक्ष आवश्यकता है। अपनी आरोग्यकारी उपस्थिति सभी प्राणियों के अंतःकरण में प्रकट करो। लाखों महान जीवनमुक्त पुण्यात्माओं का भारत में जन्म हो। वे इस धरा पर आपका कार्य संपन्न करें। जन्म-जन्मांतरों के सारे कर्मफल और सारे अवगुण-गुण, व सम्पूर्ण अस्तित्व -- वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित हैं।
सज्जनों की रक्षा, दुष्टों के विनाश, और धर्म के अभ्युत्थान के लिए भगवान वचनबद्ध हैं। सत्य-सनातन-धर्म की पुनर्प्रतिष्ठा और वैश्वीकरण शीघ्रतापूर्वक हो।
ॐ तत्सत् !! ॐ ॐ ॐ !
ॐ तत्सत् !! ॐ ॐ ॐ !!
२८ अप्रेल २०२२
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