Friday, 23 January 2026

उन सब महान आत्माओं का स्वागत है जिन्होंने आत्म-साक्षात्कार यानि भगवत्-प्राप्ति को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना रखा है --

 उन सब महान आत्माओं का स्वागत है जिन्होंने आत्म-साक्षात्कार यानि भगवत्-प्राप्ति को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना रखा है। निज जीवन में धर्म की रक्षा होगी तो राष्ट्र में भी होगी। असत्य और अंधकार की शक्तियों का निरंतर प्रतिकार करें। जितना हो सके उतना अधिक से अधिक समय परमब्रह्म परमात्मा के चिंतन, मनन, निदिध्यासन और ध्यान में व्यतीत करें। यह सबसे बड़ी सेवा है जो हम अपने राष्ट्र और समष्टि के लिए कर सकते हैं।

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बौद्धिक धरातल पर आध्यात्म में किसी भी तरह का कोई संशय मुझे नहीं है, सिर्फ एक तड़प है परमात्मा को समर्पित होने की। जो भी करना है वह वे ही करेंगे। मैं तो एक निमित्त मात्र उपकरण हूँ। दक्षिणामूर्ति भगवान शिव और जगद्गुरू भगवान श्रीकृष्ण को नमन !!
ॐ तत्सत् !!
कृपा शंकर
१ जनवरी २०२६

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