Thursday, 27 November 2025

विश्व के तीन स्थानों पर इस समय युद्ध की पूरी संभावनायें हैं। यह कोई ज्योतिषीय भविष्यवाणी नहीं है, बल्कि वर्तमान घटनाक्रम के गहन विश्लेषण का सार है ---

 विश्व के तीन स्थानों पर इस समय युद्ध की पूरी संभावनायें हैं। यह कोई ज्योतिषीय भविष्यवाणी नहीं है, बल्कि वर्तमान घटनाक्रम के गहन विश्लेषण का सार है ---

(१) भारत का -- चीन और पाकिस्तान से युद्ध।
(२) रूस व बेलारूस का -- यूक्रेन व उसके समर्थकों से युद्ध।
(३) ताइवान व उसके समर्थकों का -- चीन से युद्ध।
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भारत बिलकुल मध्य में पड़ता है। भगवान भारत की निश्चित रूप से रक्षा करेंगे। भारत का दुर्भाग्य था कि तत्कालीन भारत सरकार ने भारत की रक्षा नहीं की और तिब्बत का पूरा भाग चीन को सौंप दिया। यही नहीं, पाकिस्तान का निर्माण भी भारत का दुर्भाग्य था। जिस भूमि पर पाकिस्तान बना वहाँ हम अपनी अस्मिता की रक्षा नहीं कर पाये। भारत के लद्दाख और कश्मीर का बहुत बड़ा भूभाग पाकिस्तान और चीन ने हमसे छीन रखा है।
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यूक्रेन व जार्जिया के साथ भी अन्याय हुआ है। ये देश अपनी स्वयं की रक्षा करने में असमर्थ हैं। यूक्रेन अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह अमेरिका पर निर्भर है। रूस ने यूक्रेन से पूरा क्रीमिया प्रायदीप छीन लिया, अजोव सागर पर भी अधिकार कर रखा है, और यूक्रेन के दोनेत्स्क क्षेत्र पर अपने समर्थकों से अधिकार करवा रखा है। यूक्रेन में बहुत अधिक तनाव है। यदि अमेरिका के बीच में कूद पड़ने का भय नहीं होता तो अब तक रूसी सेना पूरे यूक्रेन पर अधिकार कर चुकी होती।
ऐसे ही जार्जिया की स्थिति है। इस देश के उत्तर में रूस है, व दक्षिण में तुर्की, अज़र्बेजान और आर्मेनिया। जार्जिया के अब्खाजिया और दक्षिण ओशेतिया प्रान्तों पर रूसी सेना ने अधिकार कर रखा है। पूर्व रूसी तानाशाह स्टालिन मूल रूप से जार्जिया का ही था।
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दक्षिण चीन सागर के ताइवान द्वीप की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में भारत के लोगों को अच्छी तरह पता है। विश्व में सबसे अधिक तनाव वहीं है। कभी भी वहाँ युद्ध छिड़ सकता है। वहाँ युद्ध छिड़ गया तो भारत भी अछूता नहीं रहेगा।
कुछ दिनों में रूसी राष्ट्रपति की होने वाली भारत की यात्रा, रूस का एक बहुत बड़ा कूटनीतिक अभियान है, जिसमें भारत को भी अपनी सर्वश्रेष्ठ कूटनीतिक प्रतिभा दिखानी होगी।
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कृपा शंकर
२७ नवंबर २०२१

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