Wednesday, 11 February 2026

मेरे सगे भतीजे (छोटे भाई के पुत्र) का अक्षय पात्र फाउंडेशन में बहुत बड़ा योगदान है ---

अक्षय पात्र फाउण्डेशन भारत की एक अशासकीय संस्था है जो देश के ७ राज्यों के लगभग ६५०० विद्यालयों में लगभग १२ लाख विद्यार्थियों को नित्य निःशुल्क भोजन करवाती है|

मेरा सगा भतीजा (सगे छोटे भाई का पुत्र) जो इंजीनियरिंग की उच्चतम शिक्षा प्राप्त एक बहुत बड़ा इंजिनियर था, बाद में विरक्त होकर एक वैष्णव साधू हो गया| उसका इस संस्था के प्रबंधन में बहुत बड़ा योगदान है|
अपने माँ-बाप का इकलौता पुत्र होने के कारण हमारे परिवार के लिए यह एक बार तो अति दुःखदायी था, पर चलो भगवान के मार्ग पर ही गया है, इस बात का संतोष भी है| हमारे पूरे परिवार का प्रेम अभी भी उसके साथ है| उसको हमारी शुभ कामनाएँ और प्यार| भगवान उसका मंगल करें|
मेरे सगे मामा का इकलौता पुत्र भी अपनी करोड़ों की संपत्ति और सब कुछ त्याग कर वर्षों पूर्व साधू होकर हिमालय में तपस्या करने चला गया था| उसका तो किसी को पता ही नहीं है कि वह अब कहाँ है|
चार पीढ़ी पूर्व हमारे एक गृहस्थ पूर्वज ने घोर साधना कर के भगवान शिव का साक्षात्कार किया था| हम उन्हीं के वंशज हैं| उन्हीं के आशीर्वाद से भक्ति के संस्कार हैं|
एक मैं ही था जो चाहते हुए भी कभी विरक्त होने का साहस नहीं जुटा पाया और इस संसार का नारकीय जीवन जीने को बाध्य हूँ| भगवान मेरा भी कल्याण करें| कृपा शंकर 12 फरवरी 2019

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