भारत की बर्बादी और भारत के टुकड़े करने के लिए प्रयासरत लोग ही आज के महिषासुर और नरकासुर हैं| ये असत्य और अन्धकार की शक्तियाँ हैं|
ये लोग जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय दिल्ली में वर्ष २००९ से महिषासुर शहादत दिवस और गौमांस भोज यानि beef festival आयोजित कर रहे हैं|
हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में नरकासुर जयंती मना रहे है|
हैदराबाद के ही एक विश्वविद्यालय में असुर सप्ताह मनाया जा रहा है|
ये सारे विश्वविद्यालय भारत के करदाताओं के रुपयों से चल रहे हैं|
विधि की विडम्बना देखिये कि आतंकवादियों और अपराधियों की पूजा की जा रही है| लगता है वोट बैंक की राजनीति देश को खा जायेगी और धर्मनिरपेक्ष शक्तियाँ देश को अराजकता में धकेल देंगी|
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देश में चुन चुन कर राष्ट्रवादी लोगों की हत्याएं हो रही हैं| अकेले केरल राज्य में ही संघ के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं की ह्त्या हो चुकी है जिसे भारत की मिशनरियों व वामपंथियों द्वारा संचालित मीडिया नहीं बताती| सारी मिडिया और राजनीति हिन्दू द्रोह पर आधारित है|
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पर यही वर्ष 2016 भविष्य का एक निर्णायक वर्ष होगा| जैसी अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियाँ बन रही हैं वे एक भयानक उथल-पुथल और विनाश का संकेत दे रही हैं| देश में जो हो रहा है उस पर तो सबकी निगाह है पर बाकि विश्व भी एक आत्मघाती विनाश की ओर बढ़ रहा है|
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यह संसार हमारे विचारों से बना है| हमारे विचार ही घनीभूत होकर चारों ओर प्रकट हो रहे हैं| घृणा, ईर्ष्या-द्वेष, अहंकार और असत्य विनाशकारी परिणाम लायेंगे ही| एक अघोषित विश्वयुद्ध वैसे तो चल ही रहा है पर घोषित विश्वयुद्ध भी कभी भी छिड़ सकता है|
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अब तक कुछ विवेक ने विनाश से विश्व को बचा रखा है, पर अब वह विवेक क्षीण हो रहा है| मध्यपूर्व में जैसी परिस्थितियाँ बन रही हैं वे निश्चित रूप से भयावह हैं| अमेरिका जैसा युद्धप्रिय देश अपने जनमानस के दबाव में कहीं भी युद्ध छेड़ने की स्थिति में नहीं है| पर वह दूसरों से युद्ध करवाएगा|
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भारत को दबाने के लिए वह पाकिस्तान को सैनिक सहायता दे रहा है| पूरे विश्व पर अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए वह कभी भी मध्यपूर्व में युद्ध प्रारम्भ करवा सकता है| अमेरिका के इशारे पर सऊदी अरब एक बहुत बड़े सैन्य अभ्यास की तैयारी कर रहा है जिसके लिए वह कई मित्र देशों की सेनाओं को अपने यहाँ एकत्र कर रहा है| इस सैनिक अभ्यास के बाद उसकी मंशा सीरिया पर आक्रमण कर असद सरकार को हटाना है|
इसका मतलब होगा सीरिया में रूस व ईरान से सीधा युद्ध| ईरान कभी भी नहीं चाहेगा कि असद सरकार हटे, अतः वह सऊदी अरब सरकार से युद्ध करना पसंद करेगा|
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ईरान जिस दिन परमाणु अस्त्रों को बनाने की स्थिति में होगा उसी दिन ईरान पर इजराइल द्वारा अणुबमों से आक्रमण पक्का है| ईरान ने यह घोषित कर रखा है कि इजराइल को नष्ट करना उसका धार्मिक दायित्व है| इजराइल को भी आत्मरक्षा करनी है| अतः दुनिया के मानचित्र पर या तो इजराइल रहेगा या ईरान|
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इसी तरह यदि अमेरिका के इशारे पर तुर्की ने बास्फोरस और दर्रा-दानियल का मार्ग बंद कर दिया तो तुर्की पर रूस द्वारा आक्रमण पक्का है| दुनियाँ में वामपंथ सिर्फ भारत में ही बचा है| रूस और चीन ने इसके खूनी शिकंजे से स्वयं को मुक्त कर दिया है| मिशनरियों ने अपनी पूरी शक्ति भारत की अस्मिता को नष्ट करने में लगा रखी है क्योंकि विश्व में अब अन्यत्र कहीं भी उनकी पूछ नहीं है|
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पर ये असत्य और अन्धकार की शक्तियाँ अधिक टिकने वाली नहीं हैं| तृतीय विश्वयुद्ध भी सुनिश्चित है और विश्व का विनाश भी| पर आने वाला समय भारत के लिए अच्छा होगा|
ॐ इति|
१६ फरवरी २०१६
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