सबसे महत्वपूर्ण निवेदन जो मैं सब से करना चाहता हूँ, जिसके सामने अन्य सब बातें गौण हैं, वह यह है .....
योगोदय (Yogodaya)
स्वयं के आध्यात्मिक विचारों की अभिव्यक्ति ही इस ब्लॉग का एकमात्र उद्देश्य है |
Monday, 26 January 2026
अपने हर दिन का प्रारम्भ भगवान के ध्यान से कीजिये ---
निजी अनुभवों पर आधारित मेरे जीवन के निष्कर्ष ---
निजी अनुभवों पर आधारित मेरे जीवन के निष्कर्ष ---
मैं आप सब का सेवक हूँ ---
मैं आप सब का सेवक हूँ। आप को इसका पता नहीं चलता, लेकिन आप सब के साथ मेरा सत्संग निरंतर होता रहता है। मैं आप सब के साथ एक हूँ। आप सब के आध्यात्मिक कल्याण के लिए भगवान से निरंतर प्रार्थना करता रहता हूँ। मेरी एक ही प्रार्थना है कि सब के हृदयों में भगवान की भक्ति (परमप्रेम) जागृत हो, भगवान का प्राकट्य सभी के हृदयों में हो, और सभी को भगवत्-प्राप्ति हो।
भगवान की छवि सदा हमारे समक्ष कूटस्थ में रहे। हम उनके एक उपकरण/निमित्त मात्र हैं। वे ही हमारा अस्तित्व हैं।
ॐ स्वस्ति ! ॐ ॐ ॐ !!
ॐ तत्सत् !! ॐ ॐ ॐ !!
Friday, 23 January 2026
उन सब महान आत्माओं का स्वागत है जिन्होंने आत्म-साक्षात्कार यानि भगवत्-प्राप्ति को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना रखा है --
उन सब महान आत्माओं का स्वागत है जिन्होंने आत्म-साक्षात्कार यानि भगवत्-प्राप्ति को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना रखा है। निज जीवन में धर्म की रक्षा होगी तो राष्ट्र में भी होगी। असत्य और अंधकार की शक्तियों का निरंतर प्रतिकार करें। जितना हो सके उतना अधिक से अधिक समय परमब्रह्म परमात्मा के चिंतन, मनन, निदिध्यासन और ध्यान में व्यतीत करें। यह सबसे बड़ी सेवा है जो हम अपने राष्ट्र और समष्टि के लिए कर सकते हैं।
अब से यह अवशिष्ट जीवन पूरी तरह परमात्मा को समर्पित है ---
अब से यह अवशिष्ट जीवन पूरी तरह परमात्मा को समर्पित है। किसी भी तरह का कोई कण मात्र भी संशय नहीं है। अपने भूत और भविष्य को तो तो मैं बदल नहीं सकता अतः उनका चिंतन ही छोड़ दिया है। वर्तमान में निरंतर कूटस्थ-चैतन्य में परमात्मा की चेतना में रहूँ, यही मेरा प्रयास है, और यही सदा रहेगा।
अमेरिका का यह राक्षसी कृत्य अक्षम्य अपराध है --
अमेरिका का यह राक्षसी कृत्य अक्षम्य अपराध है ---
हम किसका ध्यान करें ?
(Re-Posted after 10 years) हम किसका ध्यान करें ? -- (Very Important)