भगवान की भक्ति से क्या मिलेगा? --- -- (संशोधित व पुनःप्रेषित लेख)
योगोदय (Yogodaya)
स्वयं के आध्यात्मिक विचारों की अभिव्यक्ति ही इस ब्लॉग का एकमात्र उद्देश्य है |
Tuesday, 2 June 2026
भगवान की भक्ति से क्या मिलेगा? --- -- (संशोधित व पुनःप्रेषित लेख) .
कोई भी आध्यात्मिक साधना हो या कोई भी आस्था --- उसके औचित्य का एक ही मापदंड है -- "परमात्मा की अनुभूति" ---
कोई भी आध्यात्मिक साधना हो या कोई भी आस्था --- उसके औचित्य का एक ही मापदंड है -- "परमात्मा की अनुभूति"। आप किसी भी मार्ग पर चल रहे हों, यदि आपको दिव्य प्रेम, आनंद, और परमात्मा की निरंतर अनुभूति होती है तो वह मार्ग सही है; अन्यथा गलत। हमारा लक्ष्य केवल परमात्मा है।
Saturday, 30 May 2026
कुर्द जाति क्या मूल रूप से हिन्दू है?
कुर्द जाति क्या मूल रूप से हिन्दू है? क्या ये महाराजा विक्रमादित्य के कृत-सैनिक हैं? फारसी का कुर्द शब्द क्या संस्कृत के कृत शब्द का अपभ्रंस है?
Wednesday, 20 May 2026
ब्रह्मज्ञान का अभाव इस संसार में हमारी दुर्गति का मुख्य कारण है --- .
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Tuesday, 19 May 2026
एक-दो बातें हैं जो मुझे विचलित कर देती हैं।
एक-दो बातें हैं जो मुझे विचलित कर देती हैं।
Saturday, 16 May 2026
मैं तो फूल हूँ, मुरझा गया तो मलाल कैसा? तुम तो महक हो, तुम्हें अभी हवाओं में समाना है .....
तुम तो महक हो, तुम्हें अभी हवाओं में समाना है .....
अपने दिन का आरंभ भगवान के ध्यान से कीजिए ---
अपने दिन का आरंभ भगवान के ध्यान से कीजिए। वैसे तो पूरी गीता ही योग शास्त्र है, लेकिन उसके १५ वें अध्याय "पुरुषोत्तम योग" के आरंभिक ६ श्लोकों में योग-साधना के सारे सूत्र समाहित हैं। लेकिन वे भगवान की कृपा से ही समझ में आ सकते हैं। उन्हें बौद्धिक रूप से समझने मात्र का ही नहीं, निज जीवन में अवतरित कीजिए।