तुम तो महक हो, तुम्हें अभी हवाओं में समाना है .....
योगोदय (Yogodaya)
स्वयं के आध्यात्मिक विचारों की अभिव्यक्ति ही इस ब्लॉग का एकमात्र उद्देश्य है |
Saturday, 16 May 2026
मैं तो फूल हूँ, मुरझा गया तो मलाल कैसा? तुम तो महक हो, तुम्हें अभी हवाओं में समाना है .....
तुम तो महक हो, तुम्हें अभी हवाओं में समाना है .....
अपने दिन का आरंभ भगवान के ध्यान से कीजिए ---
अपने दिन का आरंभ भगवान के ध्यान से कीजिए। वैसे तो पूरी गीता ही योग शास्त्र है, लेकिन उसके १५ वें अध्याय "पुरुषोत्तम योग" के आरंभिक ६ श्लोकों में योग-साधना के सारे सूत्र समाहित हैं। लेकिन वे भगवान की कृपा से ही समझ में आ सकते हैं। उन्हें बौद्धिक रूप से समझने मात्र का ही नहीं, निज जीवन में अवतरित कीजिए।
श्रीविद्या, अद्वैत-वेदान्त, और पुरुषोत्तम-योग ---
श्रीविद्या, अद्वैत-वेदान्त, और पुरुषोत्तम-योग ---
Wednesday, 13 May 2026
सीता नवमी की शुभ कामनाएँ ---
सीता नवमी की शुभ कामनाएँ ---
Monday, 11 May 2026
जिसने मुझे मेरे होने का बोध कराया, वे ही मेरे परमात्मा हैं, और वे ही यह "मैं" हूँ ---
जिसने मुझे मेरे होने का बोध कराया, वे ही मेरे परमात्मा हैं, और वे ही यह "मैं" हूँ। मैं यह देह नहीं, मेरे प्रियतम, सर्वव्यापी मेरे प्रभु के साथ एक हूँ।
.
सनातन-धर्म ही भारत राष्ट्र का सत्व, मर्म, मूलाधार और प्राण है।
सनातन-धर्म ही भारत राष्ट्र का सत्व, मर्म, मूलाधार और प्राण है। सनातन-धर्म के बिना भारत का कोई अस्तित्व नहीं है। सनातन-धर्म ही इस सम्पूर्ण सृष्टि का भविष्य है। सनातन-धर्म की निश्चित रूप से पुनर्प्रतिष्ठा और वैश्वीकरण होगा।
Sunday, 10 May 2026
हम अपने जीवन में सर्वश्रेष्ठ क्या कर सकते हैं ?
हम अपने जीवन में सर्वश्रेष्ठ क्या कर सकते हैं ?