Wednesday, 18 March 2026

जो शिक्षा सिर्फ ज्ञान देती है वह शिक्षा नहीं है, ज्ञान के साथ साथ सद्आचरण भी सिखाये वह ही शिक्षा है ---

 जो शिक्षा सिर्फ ज्ञान देती है वह शिक्षा नहीं है| ज्ञान के साथ साथ सद्आचरण भी सिखाये वह ही शिक्षा है| प्राचीन भारत के ब्राह्मण आचार्य पूज्य थे क्योंकि वे ब्रह्मआचरण यानि ब्रह्मचर्य भी सिखाते थे|

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आतताई से आत्म-रक्षा करना हमारा अधिकार ही नहीं कर्त्तव्य भी है|
आतताई .... यानि जो क्रूर हिंसक दुष्ट प्रवृत्ति का व्यक्ति जिसका दमन कठिन हो, जो हमारे प्राण लेने, हमारी स्त्री, संतानों आदि का अपहरण करने, हमारी संपत्ति को लूटने व जलाने के लिए आ रहा हो, उसके लिए हमारे शास्त्रों में क्षमा का कोई प्रावधान नहीं है| उसके लिए मृत्यु दंड ही निर्धारित है|
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जो दूसरों को अपना मत मानने को बलात् बाध्य करते हैं वे ही असुर राक्षस हैं|
२१ फरवरी २०२६

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