Thursday, 21 August 2025

हमें सत्यनिष्ठा से अपने स्वधर्म पर अडिग औए दृढ़ रहना चाहिये, क्योंकि स्वधर्म ही हमारी रक्षा कर सकेगा ---

हमें सत्यनिष्ठा से अपने स्वधर्म पर अडिग औए दृढ़ रहना चाहिये, क्योंकि स्वधर्म ही हमारी रक्षा कर सकेगा। भगवान पर श्रद्धा, विश्वास और आस्था रखें। नित्य व्यायाम करें और भगवान का खूब ध्यान हर समय करें। सकारात्मक सोच रखें। इस समय बहुत दीर्घकाल से सारी परिस्थितियाँ हमारे विरुद्ध है, लेकिन भगवान हमारी रक्षा निश्चित रूप से करेंगे। यह प्रतिकूल समय हमारे भी अनुकूल होगा।

नदी का विलय जब महासागर में हो जाता है, तब नदी का कोई नाम-रूप नहीं रहता, सिर्फ महासागर ही महासागर रहता है। वैसे ही हमारा भी विलय जब परमात्मा में हो जाता है, तब सिर्फ परमात्मा ही रहते हैं, हम नहीं।
हमारा समर्पण पूर्ण हो।

ॐ तत्सत् !! ॐ ॐ ॐ !!
२१ अगस्त २०२३