इसी जीवन में हमें आत्म-तत्व को जानकर आत्मसाक्षात्कार (Self-Realization) कर के आवागमन और पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त हो जाना चाहिए।
Friday, 15 November 2024
इसी जीवन में हमें आत्म-तत्व को जानकर आत्मसाक्षात्कार (Self-Realization) कर के आवागमन और पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त हो जाना चाहिए ---
अच्छा या बुरा, जैसा भी यह जीवन है, वह भगवान को समर्पित है ---
अच्छा या बुरा, जैसा भी यह जीवन है, वह भगवान को समर्पित है ---
Thursday, 14 November 2024
भगवान में श्रद्धा, विश्वास व आस्था और आत्म-विश्वास --- ये वे कवच हैं, जो सदा हमारी रक्षा करेंगे ---
भगवान में श्रद्धा, विश्वास व आस्था और आत्म-विश्वास --- ये वे कवच हैं, जो सदा हमारी रक्षा करेंगे। भगवान हमें कभी नहीं छोड़ सकते। वे सदा हमारे साथ एक होकर रहेंगे। हर परिस्थिति में हम विजयी होंगे।
भगवान ने जो देना था वह सब कुछ दिया है, अब यह मुझ पर है कि मैं उसका कितना सदुपयोग करूँ ---
भगवान ने जो देना था वह सब कुछ दिया है। अब यह मुझ पर है कि मैं उसका कितना सदुपयोग करूँ। भगवान ने अपनी ओर से कोई कमी नहीं रखी है, कमी मेरे स्वयं के प्रयासों की है। बाहर की परिस्थितियों, वातावरण आदि पर दोषारोपण गलत है। अब एक ही मार्ग बचा है वह है साधना द्वारा स्वयं को भगवान में विलीन कर देना। मेरा कोई पृथक अस्तित्व न रहे। एकमात्र अस्तित्व सिर्फ परमात्मा का ही हो।
Wednesday, 13 November 2024
सर्वाधिक महत्वपूर्ण तो यह है कि हम हर समय भगवान का स्मरण करें ---
सर्वाधिक महत्वपूर्ण तो यह है कि हम हर समय भगवान का स्मरण करें ---
हमारा "अहंकार" हमारा शत्रु है या मित्र ? ---
हमारा "अहंकार" हमारा शत्रु है या मित्र ? ---
श्रीमद्भगवद्गीता का स्वाध्याय और भगवान शिव का ध्यान -- ये मेरी बहुत बड़ी कमजोरियाँ हैं ---
श्रीमद्भगवद्गीता का स्वाध्याय और भगवान शिव का ध्यान -- ये मेरी बहुत बड़ी कमजोरियाँ हैं। इनके बिना मैं नहीं रह सकता। बिना भोजन किए रह सकता हूँ, लेकिन भगवान के ध्यान के बिना नहीं रह सकता। शिव और विष्णु में कोई भेद नहीं है। केवल उनकी अभिव्यक्तियाँ पृथक पृथक हैं।