Saturday, 23 August 2025

झुंझनूं नगर के टीबड़ेवालों के मोहल्ले में स्थित सेठ कनीराम-नृसिंहदास टीबड़ेवाल की प्रसिद्ध हवेली का प्रवेश-द्वार

 यह राजस्थान के झुंझनूं नगर के टीबड़ेवालों के मोहल्ले में स्थित सेठ कनीराम-नृसिंहदास टीबड़ेवाल की प्रसिद्ध हवेली का प्रवेश-द्वार है। यह हवेली हमारी पारिवारिक हवेली से बहुत पास लगभग ४० फीट दूर ही है। इस हवेली से मेरे बचपन की बहुत सारी यादें जुड़ी हुई हैं। शाम के समय नित्य मैं इस हवेली में खेलने जाया करता था। टीबड़ेवाल परिवार के सभी सदस्यों से मेरी घनिष्ठ आत्मीयता थी। इसमें रहने वाले परिवार अब तो कोलकाता व मुंबई में बस गए हैं, पर जब भी इनका कोई सदस्य आता है, तब मुझे अवश्य याद करता है। इसको संभालने कोलकाता से मुख्यतः मेरे बचपन के मित्र श्री किशन लाल जी टीबड़ेवाल ही आते हैं। टीबड़ेवाल परिवार की और भी बहुत सारी सम्पतियाँ हैं।

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भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी को टीबड़ेवाल परिवार की कुलदेवी खेमीसती माता का मेला भी झुंझुनू में भरता है। उसके अगले ही दिन यानि भाद्रपद अमावस्या को झुंझुनू में विश्व प्रसिद्ध श्रीराणीसती माता का मेला भरता है।
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हमारे आसपास के मंडावा, फतेहपुर, रामगढ़ आदि कस्बों की सेठ साहूकारों की हवेलियाँ विश्व प्रसिद्ध हैं। झुंझुनू जिले के हर कसबे में बहुत शानदार हवेलियाँ हैं। कभी यहाँ बहुत अधिक समृद्धि रही थी। इस क्षेत्र शेखावाटी के मारवाड़ी सेठ साहूकारों ने पूरे भारत के हर कोने में अपने वाणिज्यिक कौशल की छाप छोडी है|
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यह हवेली राजस्थान की प्रसिद्ध हवेलियों में से एक है। इस प्राचीन और भव्य हवेली का निर्माण झुंझनूं के एक प्रसिद्ध व्यापारी नृसिंहदास टीबड़ेवाल ने सन १८८३ में करवाया था। इसे देखने अब फ्रांस और जर्मनी के पर्यटक आते हैं। टीबड़ेवाल हवेली की दीवारों पर उकेरित बेलबूटों पर सोने की पॉलिश की गई थी। यहां दीवारों पर हाथ में दर्पण लिए सुंदर स्त्री, पगड़ी पहने एक पुरूष और दंपत्ति के साथ बच्चों की मौजूदगी के भित्तिचित्र हैं जो इलाके की समृद्धि दर्शाते हैं। यह हवेली कई चौकों से युक्त है। चौक के चारों ओर सुंदर कक्ष बने हुए हैं। बरामदों के स्तंभों के बीच धनुषाकार आकृति बनी है। चौक से छत पर जाने के लिए जीने बने हुए हैं। चौक आम तौर पर खुले और बड़े हैं। पूरा शेखावाटी इस तरह की भव्य व कलात्मक हवेलियों के लिये प्रसिद्ध है। आप भी यहाँ आयें और इनको निहारें। ये हवेलियाँ किसी अजूबे से कम नहीं हैं।

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