अपना एक हाथ भगवान को थमा दो; भगवान हमारे दोनों हाथों को पकड़ कर हमारा उद्धार कर देंगे| हमारे जीवन में हमारी चाहे लाखों भूलें हों, यदि हम सत्यनिष्ठा से सुधरना चाहें तो भगवान हमारी हिमालय जितनी बड़ी-बड़ी लाखों भूलों को भी क्षमा कर देते हैं| अपना बुरा-भला सब कुछ भगवान को सौंप दो और उन्हीं के होकर रह जाओ|
Thursday, 30 October 2025
अपना एक हाथ भगवान को थमा दो; भगवान हमारे दोनों हाथों को पकड़ कर हमारा उद्धार कर देंगे ---
दुर्भाग्य से वर्तमान में हिन्दू जाति का कोई भी राजनेता -- धर्मनिष्ठ और तेजस्वी नहीं है ---
दुर्भाग्य से वर्तमान में हिन्दू जाति का कोई भी राजनेता -- धर्मनिष्ठ और तेजस्वी नहीं है। धर्मनिष्ठ और तेजस्वी व्यक्ति तो बहुत हैं, लेकिन कोई राजनेता नहीं है। क्या ऐसा कोई तेजस्वी हिन्दू-धर्मनिष्ठ राजनेता है जिसे ---
जहाँ पर हम हैं, वहीं पर भगवान भी हर समय हमारे साथ एक हैं ---
जहाँ पर हम हैं, वहीं पर भगवान भी हर समय हमारे साथ एक हैं। वे हमारे बिना नहीं रह सकते। जिस आसन में स्थिर होकर हम सुख से बैठ सकते हैं - वही योगासन है। जिस आसन पर हम बैठे हैं, वहाँ से अनंत ब्रह्मांड में जहाँ तक हमारी कल्पना जाती है, वह सम्पूर्ण ब्रह्मांड हम स्वयं हैं, यह नश्वर देह नहीं।
हमारे शरीर का भ्रूमध्य -- पूर्व दिशा है, सहस्त्रार -- उत्तर दिशा है, बिंदु विसर्ग (शिखास्थल) -- पश्चिम दिशा है, और उससे नीचे का क्षेत्र दक्षिण दिशा है।
हमारे शरीर का भ्रूमध्य -- पूर्व दिशा है, सहस्त्रार -- उत्तर दिशा है, बिंदु विसर्ग (शिखास्थल) -- पश्चिम दिशा है, और उससे नीचे का क्षेत्र दक्षिण दिशा है।
सनातन-धर्म अमर है, यह कभी नष्ट नहीं हो सकता ---
सनातन-धर्म अमर है, यह कभी नष्ट नहीं हो सकता, क्योंकि यह उन सत्य सनातन सिद्धांतों पर आधारित है, जिनसे यह सृष्टि चल रही है ---
Monday, 27 October 2025
सुषुम्ना के छः चक्रों में भागवत मन्त्र का जाप ....
सुषुम्ना के छः चक्रों में भागवत मन्त्र का जाप .....