हमारी दुर्दशा के लिए मैं उन लोगों को जिम्मेदार मानता हूँ जो चुनावों में वोट नहीं डालते| उन लोगों के कारण ही हमारा लोकतंत्र विफल है| हिंदुओं में सिर्फ जो तथाकथित दलित वर्ग है, वह ही शत-प्रतिशत मतदान करता है| मुसलमान भी शत-प्रतिशत मतदान करते हैं| हिंदुओं में पचास प्रतिशत सवर्ण हिन्दू ही मतदान करते हैं, पचास प्रतिशत तो घर से बाहर ही नहीं निकलते| इसलिए सवर्ण हिंदुओं की कोई कीमत नहीं है|जिनके मत अधिक होते हैं, उनकी ही कद्र होती है| मुसलमानों का वोट बैंक है और दलितों का भी है, पर सवर्ण हिंदुओं का नहीं है|
लोकतंत्र मतदाताओं द्वारा, मतदाताओं के लिए, मतदाता का ही शासन होता है| राजनेताओं को भी इस बात का पता है कि सवर्ण हिंदुओं का कोई वोट बैंक नहीं है, इसलिए वे मुसलमानों का तुष्टीकरण करते है और दलितों की हर बात मान कर उनका आरक्षण बढ़ा देते हैं| सवर्ण हिन्दू सिर्फ शोर मचा कर ही रह जाते हैं| जब तक सवर्ण हिन्दू अपना वोट बैंक नहीं बढ़ाते तब तक उनकी कोई कद्र नहीं होगी|
कृपा शंकर
१० दिसंबर २०१९
कृपा शंकर
१० दिसंबर २०१९