व्यवसायात्मिका बुद्धि के अभाव में आध्यात्मिक विफलता तो मिलती ही है, व्यक्तिव में विखंडन भी हो सकता है। पुष्पिता-वाणी से बच कर रहें ---
Thursday, 15 May 2025
व्यवसायात्मिका बुद्धि के अभाव में आध्यात्मिक विफलता तो मिलती ही है, व्यक्तिव में विखंडन भी हो सकता है ---
माता कुमाता भी हो सकती है ---
माँ की स्तुति में हम कहते हैं कि माता कुमाता नहीं हो सकती, पुत्र कुपुत्र हो सकता है| पर मैं ऐसी माताओं को भी जानता हूँ जो अपनी संतानों, पति और भरे-पूरे परिवार को छोड़कर अपने किसी प्रेमी के साथ भाग जाती हैं|
क्या हमारी अकर्मण्यता, पुरुषार्थहीनता, प्रमाद, और ईश्वर पर अत्यधिक अंध-निर्भरता आत्मघातक है?
राष्ट्र पर आसन्न घोर संकट की आशंकाओं के संदर्भ में मेरा पहला प्रश्न :--- क्या हमारी अकर्मण्यता, पुरुषार्थहीनता, प्रमाद, और ईश्वर पर अत्यधिक अंध-निर्भरता आत्मघातक है?
Tuesday, 13 May 2025
मूल रूप से यहूदियत, ईसाईयत और इस्लाम -- तीनों एक ही हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ( Prophet Abraham) की संताने हैं। इसलिए ये तीनों इब्राहिमी मज़हब (Abrahamic Religions) कहलाते हैं।
मूल रूप से यहूदियत, ईसाईयत और इस्लाम -- तीनों एक ही हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ( Prophet Abraham) की संताने हैं। इसलिए ये तीनों इब्राहिमी मज़हब (Abrahamic Religions) कहलाते हैं।
भगवान श्रीहरिः के चरण कमलों में यदि आश्रय मिल जाये तो इस संसार में प्राप्त करने योग्य अन्य कुछ भी नहीं है ---
भगवान श्रीहरिः के चरण कमलों में यदि आश्रय मिल जाये तो इस संसार में प्राप्त करने योग्य अन्य कुछ भी नहीं है। सब कुछ उन्हें समर्पित है। समस्त सृष्टि को उन्होंने धारण कर रखा है और पालन-पोषण कर रहे हैं। वे ही गुरुरूप ब्रह्म हैं, वे ही पारब्रह्म परमेश्वर, परमशिव, नारायण, वासुदेव और सर्वस्व हैं। उन से पृथक अन्य कुछ है ही नहीं। वे ही सर्वस्व हैं। वे स्वयं को अपनी पूर्णता में व्यक्त करें।
सब का साथ, सब का विकास ---
सब का साथ, सब का विकास ---
भगवान ने सब कुछ दिया है, लेकिन सांसारिक बुद्धि और सांसारिक विवेक नहीं दिया जिसका मुझे कोई अफसोस नहीं है ---
भगवान ने सब कुछ दिया है, लेकिन सांसारिक बुद्धि और सांसारिक विवेक नहीं दिया। इसलिए इस संसार ने मुझे ठगा ही ठगा है