श्रीमद्भगवद्गीता में अक्षर ब्रह्म की उपासना ---
Friday, 27 June 2025
श्रीमद्भगवद्गीता में अक्षर ब्रह्म की उपासना ---
समझ में तो यही आता है कि परमशिव के संकल्प से इस भौतिक संसार की रचना मूलतः ऊर्जा और प्राण से ही हुई है।
समझ में तो यही आता है कि परमशिव के संकल्प से इस भौतिक संसार की रचना मूलतः ऊर्जा और प्राण से ही हुई है। यह भौतिक सृष्टि ऊर्जा-खंडों का ही घनीभूत रूप है। इस भौतिक सृष्टि की रचना ऊर्जा के प्रवाह, गति, और विभिन्न आवृतियों पर हो रहे स्पंदन, ऊर्जा खंडों के जुड़ाव और बिखराव से हुई है। किसी भी अणु में कितने इलेक्ट्रॉन हैं, वे ही तय करते हैं कि उनसे बने पदार्थों का स्वरूप क्या हो। और भी बहुत सारे अनसुलझे रहस्य हैं।
हे प्राण ! तुम्हें नमस्कार !! तुम्हीं मेरे जीवन हो ---
हे प्राण ! तुम्हें नमस्कार !! तुम्हीं मेरे जीवन हो ---
ज्ञान प्राप्ति के लिए श्रौत्रीय और ब्रहमनिष्ठ सद्गुरू के पास जाना चाहिये ---
ज्ञान प्राप्ति के लिए श्रौत्रीय और ब्रहमनिष्ठ सद्गुरू के पास जाना चाहिये ---
जिसका कभी जन्म ही नहीं हुआ उस परमशिव का ध्यान जीवन-मृत्यु से परे ले जाता है ---
जिसका कभी जन्म ही नहीं हुआ उस परमशिव का ध्यान जीवन-मृत्यु से परे ले जाता है ---
जब प्रणव की अनाहत ध्वनी अंतर में सुनाई देना आरम्भ कर दे --- .
जब प्रणव की अनाहत ध्वनी अंतर में सुनाई देना आरम्भ कर दे ---
Thursday, 26 June 2025
अध्यापक, शिक्षक, आचार्य, प्राचार्य, उपाध्याय और गुरु... इन सब में क्या अंतर है? ---
अध्यापक, शिक्षक, आचार्य, प्राचार्य, उपाध्याय और गुरु... इन सब में क्या अंतर है?.....