उपासना ---
Thursday, 16 January 2025
उपासना ---
भगवान की सर्वश्रेष्ठ अभिव्यक्ति भगवान के ध्यान में होती है ---
Wednesday, 15 January 2025
सारे सद्गुणों व ज्ञान के स्त्रोत परमात्मा हैं ---
सारे सद्गुणों व ज्ञान के स्त्रोत परमात्मा हैं| हमारा प्रेम और समर्पण उन्हीं के प्रति हो| उन्हीं का हम ध्यान करें| पात्रतानुसार सारा मार्गदर्शन वे स्वयं करते हैं| परमात्मा से प्रेम -- सबसे बड़ा सद्गुण है जो सभी सद्गुणों को अपनी ओर आकर्षित करता है| अपने हृदय का पूर्ण प्रेम परमात्मा को दें| उन्हीं में सुख, शांति, समृद्धि, सुरक्षा, संतुष्टि, और तृप्ति है|
साधक कौन है?
साधक कौन है? साधक मैं नहीं, स्वयं भगवान वासुदेव श्रीकृष्ण हैं। साधक होने या साधना करने का भ्रम न पालें। स्वयं को देह से पृथक समझें ---
Tuesday, 14 January 2025
मकर-संक्रांति की अग्रिम शुभ कामनायें ---
मकर-संक्रांति की अग्रिम शुभ कामनायें ---
आप सभी को मकर-संक्रांति की मंगलमय शुभ कामनायें !! --
आप सभी को मकर-संक्रांति की मंगलमय शुभ कामनायें !! --
मैं अपनी आस्था और विचारों पर दृढ़ हूँ ---
मैं अपनी आस्था और विचारों पर दृढ़ हूँ। मेरे विचार और मेरी सोच -- श्रीमद्भगवद्गीता, उपनिषदों, गुरु-परंपरा व निजानुभूतियों पर आधारित हैं। जिन सनातन धर्मावलंबी मनीषियों से मेरे मतभेद हैं, उन्हें मैं व्यक्त नहीं करता। सब का सम्मान करता हूँ। आसुरी विचारों का सदा विरोध करता हूँ, उनसे कोई समझौता नहीं करता। परमात्मा सम भाव से सर्वत्र व्याप्त सत्ता है। श्रुतियाँ अपौरुषेय और अंतिम प्रमाण हैं। यही मेरी चिंतनधारा है।
आप सभी महान आत्माओं को नमन !! मैं उन सभी सत्यनिष्ठ धर्मावलम्बी महान आत्माओं के चरण-स्पर्श करता करता हूँ जो निरंतर ईश्वर की चेतना में रहते हैं| वे इस पृथ्वी पर चलते-फिरते देवता है| यह पृथ्वी उन्हीं के कारण सनाथ है|