मनुष्य का वास्तविक सौंदर्य उसके संस्कारों में है, शरीर में नहीं ---
Tuesday, 26 October 2021
मनुष्य का वास्तविक सौंदर्य उसके संस्कारों में है, शरीर में नहीं ---
आत्मा में तो अभीप्सा है, लेकिन मन और बुद्धि में नहीं ---
आत्मा में तो अभीप्सा है, लेकिन मन और बुद्धि में नहीं ---
परमात्मा के लिए अभीप्सा यानि एक अतृप्त प्यास, तड़प, और प्रचंड अग्नि सदा ह्रदय में प्रज्ज्वलित रहे ---
परमात्मा के लिए अभीप्सा यानि एक अतृप्त प्यास, तड़प, और प्रचंड अग्नि सदा ह्रदय में प्रज्ज्वलित रहे ---
उस्मानिया सल्तनत को किसने हराया ? ---
सल्तनत-ए-उस्मानिया (Ottoman Empire) (सन १३५० ई. से सन १९१८ ई.) को प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय हिन्दू सैनिकों ने ही हराया था। अंग्रेजों में इतना साहस नहीं था कि वे तुर्कों या जर्मनों से सीधे युद्ध कर सकें। फिर भी श्रेय ब्रिटेन को ही मिला क्योंकि भारत उस समय ब्रिटेन के आधीन था।
मेरा तो एक ही धर्म है, और वह है -- "भगवत्-प्राप्ति", अन्य कुछ भी मेरा धर्म नहीं है ---
मेरा तो एक ही धर्म है, और वह है -- "भगवत्-प्राप्ति", अन्य कुछ भी मेरा धर्म नहीं है। यही मेरे मन की एकमात्र भावना और प्रार्थना है ---
सनातन धर्म की पुनर्प्रतिष्ठा और वैश्वीकरण कैसे होगा? ---
काल की गति पर पूर्ण नियंत्रण सिर्फ भगवान का है। इस समय काल की गति ऊर्ध्वमुखी है, अतः इस आरोह-काल में मनुष्य की चेतना का भी निरंतर उत्थान और विस्तार हो रहा है। जिस दिन आत्मा की शाश्वतता और कर्मफलों की प्राप्ति हेतु पुनर्जन्म का सत्य , जन-सामान्य को समझ में आने लगेगा, उसी दिन से सत्य-सनातन-धर्म की पुनर्प्रतिष्ठा सम्पूर्ण विश्व में होने लगेगी। सत्य-सनातन-धर्म सम्पूर्ण विश्व में व्याप्त होगा, और असत्य का अंधकार दूर होगा।
सत्यधर्मनिष्ठ क्षत्रिय ही देश की रक्षा, और सुशासन दे सकते हैं ---
सत्यधर्मनिष्ठ क्षत्रिय ही देश की रक्षा, और सुशासन दे सकते हैं।