संसार में सबसे तालमेल कैसे बैठाकर रखें ?
Wednesday, 22 January 2025
संसार में सबसे तालमेल कैसे बैठाकर रखें ?
क्या बताएँ? किसको बताएँ? कोई अन्य है ही नहीं, यह स्वयं का संवाद स्वयं से ही है ---
क्या बताएँ? किसको बताएँ? कोई अन्य है ही नहीं, यह स्वयं का संवाद स्वयं से ही है ---
भारत के महानतम स्वतन्त्रता सेनानी, परम देशभक्त, प्रथम प्रधानमंत्री, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कोटि-कोटि नमन !! जय हिन्द !!
भारत के महानतम स्वतन्त्रता सेनानी, परम देशभक्त, प्रथम प्रधानमंत्री, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कोटि-कोटि नमन !! जय हिन्द !!
Tuesday, 21 January 2025
जो गुज़र गया सो गुज़र गया, उसे याद करके ना दिल दुखा --- .
जो गुज़र गया सो गुज़र गया, उसे याद करके ना दिल दुखा ---
आध्यात्मिक चुंबकीय पर्वत --- .
आध्यात्मिक चुंबकीय पर्वत ---
अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा को झुंझुनूं में आनंदोत्सव के रूप में मनाया गया ---
आज के जैसा महोत्सव मैंने अपने पूरे जीवन में कभी नहीं देखा। मेरी आयु ७७ वर्ष है। पूरा विश्व ही आज राममय हो गया था। मेरा जीवन धन्य हुआ जो मैं यह दिन देख सका। पिछले पाँच सौ वर्षों के अंतराल के पश्चात यह सुयोग मिला। मैं राजस्थान के एक बहुत छोटे से नगर झुंझुनूं में रहता हूँ, आज यह पूरा नगर ही राममय हो गया था। छोटे-बड़े हरेक मंदिर में सफाई, रोशनी, सजावट, भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और अनेक स्थानों पर भंडारे हुए। जरूरतमंद लोगों को कंबलें, जूते और वस्त्र बाँटे गए, बच्चों से धर्मज्ञान विषयक प्रश्नोत्तरियाँ हुईं, स्कूलों के बालकों ने अपने बैंड बाजे बजाते हुए जुलूस निकाले। हरेक के चेहरे पर प्रसन्नता थी। संत-महात्माओं ने अपने आश्रमों में धार्मिक कार्यक्रम किये। अनेक स्थानों पर अखंड रामचरितमानस का पाठ हुआ। पिछले पाँच सौ वर्षों से इसी दिन की प्रतीक्षा थी। इसे ही रामकृपा कहते हैं।
भक्तिमय होकर ध्यान-साधना तो हमें करनी ही पड़ेगी। ईश्वर की प्राप्ति का अन्य कोई मार्ग नहीं है --- .
भक्तिमय होकर ध्यान-साधना तो हमें करनी ही पड़ेगी। ईश्वर की प्राप्ति का अन्य कोई मार्ग नहीं है ---