अपनी अपनी समझ ---
Saturday, 29 October 2022
अपनी अपनी समझ ---
निज आत्मा में श्रद्धा-विश्वास हो ---
निज आत्मा में श्रद्धा-विश्वास हो ---
जो भी साधनाएँ मेरे माध्यम से नहीं हो रही हैं, या हो रही हैं, उन सब की अकर्ता और कर्ता -- भगवती महाकाली हैं ---
जो भी साधनाएँ मेरे माध्यम से नहीं हो रही हैं, या हो रही हैं, उन सब की अकर्ता और कर्ता -- भगवती महाकाली हैं ---
ब्राह्मण बालकों में क्या संस्कार दें ?
मेरे कुछ आध्यात्मिक मित्र हैं जो ध्यान-योग व श्रीविद्या के बड़े निष्ठावान साधक हैं। उन्होने भगवती की कृपा से अपने आध्यात्मिक और लौकिक दोनों ही क्षेत्रों में बड़ी उन्नति की है। मेरा यह मानना है कि हमें अपने बालकों को उचित समय पर --
अहम् इन्द्रः अस्मि, पराजितः न भवामि, "अहमिन्द्रो न पराजिग्ये" ---
अहम् इन्द्रः अस्मि, पराजितः न भवामि, "अहमिन्द्रो न पराजिग्ये" ---
Thursday, 27 October 2022
भ्रूमध्य में सफ़ेद ज्योति का दर्शन ---
भ्रूमध्य में भगवान का ध्यान करते करते जब भी एक श्वेत रंग की ज्योति के दर्शन होने लगें, तब यह मानिये की आपका भटकाव समाप्त हो गया है। अपनी पूरी शक्ति से अपने मन को वहीं लगाइये। वहीं साधना कीजिये। वह ज्योति ही भगवान विष्णु के, भगवती के, अपने अपने गुरु महाराज के -- चरण कमल हैं। उस ज्योति का ध्यान ही गुरु-चरणों का ध्यान है। उस ज्योति मे आश्रय ही श्रीगुरु-चरणों में आश्रय है।
भगवान की प्राप्ति "श्रद्धा" से ही होती है (श्रद्धा ही हमें भगवान से मिलाती है) ---
भगवान की प्राप्ति "श्रद्धा" से ही होती है (श्रद्धा ही हमें भगवान से मिलाती है) ---